आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

क्‍या वाक़ई हमारे पास सिर्फ़ 11 दिन बचे हैं?

क्वेंटिन कूपर, बीबीसी के साइंस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता

Updated Mon, 10 Dec 2012 04:07 PM IST
are you sure we have only 11 days left?
21 दिसंबर 2012 को धरती का अंत हो जाएगा! इस बात के कोई सबूत नहीं है लेकिन दुनिया भर में इसको लेकर लोगों में डर बना हुआ है।
इस बारे में मेरे पास एक बुरी ख़बर है, वो ये कि- दुनिया का अंत हो जाएगा।

लेकिन मेरे पास एक अच्छी ख़बर भी है, ख़बर ये है कि दुनिया का अंत इतनी जल्द नहीं होने वाला है।

सवाल ये है कि आख़िर हमें दुनिया के अंत होने के सिद्धांत से इतना लगाव क्यों है?

अभी कुछ समय पहले ही माया सभ्यता के कैलेंडर को ग़लत पढ़ते हुए दावा किया गया कि दुनिया 21 दिसंबर 2012 को ख़त्म हो जाएगी।

भले ही माया सभ्यता का कैलेंडर ख़त्म हो गया हो लेकिन अभी कोई ऐसी वजह दिखाई नहीं दे रही है, जिससे ये निष्कर्ष निकले कि पूरी दुनिया पिघल जाएगी।

मंगल ग्रह पर जीवन के अंश ढूंढ रही अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा ने भी दुनिया के अंत की संभावनाओं पर अध्ययन किया है। उस अध्ययन में क्या निकल कर आया, उसके बारे में विस्तार से बात करने के बजाय संक्षेप में बात की जाए तो हर स्थिति में घोर निराशावादी कोई इंसान ही इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकता है कि अभी दुनिया का अंत होने वाला है।

महाविनाश की चाहत

लेकिन इससे भी दिलचस्प सवाल ये है कि हम दुनिया के अंत की कामना क्यों करते हैं, हम क्यों महाविनाश चाहते हैं?

दुनिया के विनाश की कामना करने वालों की 21 दिसंबर को दुनिया ख़त्म होने की भविष्यवाणी संभवतः गलत साबित होगी क्योंकि वो पहले भी ग़लत साबित होते रहे हैं। 2003 में वो ग़लत साबित हुए, 31 दिसंबर 1999 की तारीख पर ग़लत साबित हुए।

इतना ही नहीं 1990 के दशक में कम से कम छह मौके ऐसे आए जब दुनिया के ख़त्म होने की भविष्यवाणी की गई और वो ग़लत साबित हुए।

1840 के बाद से ही हर दशक में दो-तीन बार दुनिया के ख़त्म होने की भविष्यवाणियां होती रही हैं और इस बात के सबूत मिलते रहे हैं कि प्राचीन रोम काल से ही दुनिया के अंत की ग़लत अफवाहें होती ही हैं।

तो हम इस बात को लेकर निश्चित क्यों हैं कि दुनिया का अंत करीब है और अपनी इस सोच को सही साबित करने के लिए तर्कों को अपने अनुसार क्यों ढाल लेते हैं।

क्या इस सोच के पीछे हमारी फ़िल्मों और कहानियों का असर है। एक पल के लिए मान भी लिया जाए तो जवाब हो सकता है हां,काल्पनिक साइंस फ़िल्में हों, शीत युद्ध दौर की फ़िल्में हो या जेम्स बॉंड की फ़िल्में, इनमें कहीं ना कहीं दिखाया जाता है कि या तो दुनिया का कोई अंश या पूरी दुनिया ख़त्म हो जाएगी।

दुनिया का अंत निश्चित लेकिन कब?
इसी साल रॉयटर्स के एक सर्वे में पाया गया कि हर चार में से एक अमरीकी और दुनिया में हर सात में से एक इंसान मानता है कि दुनिया का अंत उनके जीवनकाल में हो जाएगा। ब्रिटेन में 12 में से एक आदमी को ऐसा लगता है।

यानी बहुत से लोगों को ना सिर्फ ये लगता है कि दुनिया उनके इर्द-गिर्द घूमती है बल्कि उन्हें ये भी लगता है कि दुनिया उनके साथ ही रुक जाएगी।

ये ग्रह हमेशा जीवित नहीं रह सकता, खगोलविदों का अनुमान है कि पृथ्वी के पास 7।5 अरब साल और हैं जिसके बाद पृथ्वी सूर्य में समा जाएगी लेकिन इंसान उससे कहीं पहले इस पृथ्वी से गायब हो चुका होगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सोशल मीडिया: JIO के बाद अंबानी शुरू करेंगे PIO, 3 महीने सब फ्री

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

राजकुमार हो गए अपने ही घर में 'ट्रैप्ड', फिल्म का टीजर हुआ रिलीज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

आखिर क्यों काट दिए गए 'रंगून' से 40 मिनट के सीन ? ये रही असली वजह

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'लाली की शादी में लड्डू दीवाना' का पोस्टर रिलीज, दिखा अक्षरा का नया अंदाज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

बुधवार के दिन करें यह पांच काम, सुख-समृद्धि से भर जाएगी जिंदगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

Most Read

पैर से 1 मिनट में 11 मोमबत्ती जलाकर रचा कीर्तिमान

World Record set for most candles lit with feet!
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

भारत विरोधी आतंकी संगठनों का गढ़ है कराची: यूरोपीय विशेषज्ञ दल

 European Expert Group said Karachi is the stronghold of anti-Indian terrorist groups
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

मलेरिया का सौ प्रतिशत प्रभावी टीका विकसित

New malaria vaccine is 'Hundred percent protective'
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

स्तन कैंसर से पीड़ित नॉर्वे नोबेल कमेटी की अध्यक्ष का निधन

Nobel Peace chair Kullmann dies
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

विश्वयुद्ध का बम मिलने पर 70,000 लोगों ने खाली किया शहर

70,000 Evacuated In Greece To Defuse World War II Bomb
  • रविवार, 12 फरवरी 2017
  • +

यहां ठंड कुछ इस कदर पड़ी कि नदी पार करती हुई लोमड़ी तक जम गई

winters break the record that Fox got frozen in the ice
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top