आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यूएस: क्या घर से निकलेगा मतदाता?

बीबीसी हिन्दी

Updated Sun, 04 Nov 2012 08:09 PM IST
us election obama and romney deadlocked for final push
अमेरिका में मंगलवार को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहा है। ऐसे में चुनावी मुहिम उन लोगों पर केंद्रित हो गई है जिन्होंने अभी मन नहीं बनाया है कि वो किसे वोट देंगे।
अब दोनों उम्मीदवार यानी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के मिट रोमनी चुनाव प्रचार के आखरी दौर में उन राज्यों में सभाएं कर रहे हैं जहां लोगों का रुख अभी साफ नहीं है। मुकाबला कांटे का है। यहां कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि फैसला इस बात पर होगा कि किस उम्मीदवार का खेमा चुनाव के दिन कितने समर्थकों को वोट डालने के लिए चुनाव केन्द्रों तक ले जाने में कामयाब होता है।

इस बात में काफी सच्चाई है। मिट रोमनी के समर्थक और वर्जीनिया राज्य में रिपब्लिकन पार्टी के एक नेता पुनीत अहलूवालिया कहते हैं, "हमारे कार्यकर्ता अब बाहर निकल कर अपने समर्थकों के घरों पर दस्तक दे रहे हैं। उन्हें हम चुनावी पत्र हाथ में दे रहे हैं और मिट रोमनी के नाम के आगे एक 'यस' का निशान लगा कर उनसे कह रहे हैं कि आप इसी नाम के आगे वोट दें।"

तूफान का 'फायदा'
बराक ओबामा को दस लाख डॉलर चुनावी चंदा देने वाले भारतीय मूल के फ्रैंक इस्लाम कहते हैं कि उनके नेता ने सैंडी तूफान के बाद चुनावी मुहिम दोबारा शुरू करने के बाद उनसे कहा की वो घर-घर जाकर दस्तक दें। ओबामा खेमे के एक और नेता ने कहा, "पहले उन्होंने हम जैसे चुनावी चंदा देने वालों को धन्यवाद कहा और फिर अपील की कि हम लोग घर-घर जाकर लोगों को चुनाव के दिन या उससे पहले वोट डालने पर जोर दें।"

सैंडी तूफान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की साख बेहतर हुई है। तबाही के शिकार न्यू जर्सी राज्य के गवर्नर और रिपब्लिकन नेता क्रिस क्रिस्टी ने बराक ओबामा की भरपूर तारीफ की, जबकि वो ओबामा के आलोचकों में से एक रहे हैं। पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने भी ओबामा को समर्थन देने का ऐलान किया है।

रिपब्लिकन पार्टी के भीतर इससे ये अनुमान लगाया जा रहा है की मिट रोमनी की नैया को उनके बड़े और वरिष्ठ नेता छोड़ कर जा रहे हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा कि सैंडी से पहले मिट रोमनी की लोकप्रियता बढ़ रही थी। "उनके साथ एक जनसमर्थन था। लेकिन सैंडी के बाद ओबामा एक दबंग नेता के रूप में उभर कर निकले हैं और ये जनसमर्थन टूट गया।" रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों ने भी सैंडी तूफान से निपटने पर ओबामा की भूमिका की तारीफ की।

किस पर कौन पड़ेगा भारी
लेकिन पार्टी में सभी इस तर्क को मानने के लिए तैयार नहीं। पार्टी के एक कार्यकर्ता फुजैल अली ने कहा, "मुझे नहीं लगता सैंडी का ओबामा को कोई खास फायदा होने वाला है। तूफान पीड़ित राज्यों में लोगों ने पहले ही मन बना लिया था कि वो वोट किसे देंगे। अब वो मन बदलने वाले नहीं। दूसरी बात ये कि रोमनी का समर्थन अंदर ही अंदर गोरे लोगों में और मज़बूत होता जा रहा है। अंडरकरेंट रोमनी की हिमायत में है।"

खुद मिट रोमनी के एक सलाहकार का कहना है, "7 नवंबर की सुबह जब सूरज निकलेगा तो देश का एक नया राष्ट्रपति चुना जा चुका होगा। अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति मिट रोमनी होंगे। हम सभी सर्वेक्षणों में आगे हैं और लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। जीत हमारी होगी।" ऐसा मालूम होता है कि पूरा देश रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के समर्थन में विभाजित है। आधी आबादी एक पार्टी के साथ है तो दूसरी आधी आबादी दूसरी पार्टी के साथ।

निष्पक्ष राय रखने वाले इस देश में कम ही है। जो निष्पक्ष हैं भी उनके अनुसार मुकाबला कांटे का ज़रूर है लेकिन ओबामा को हराना आसान नहीं होगा। वैसे भी देश के चुनावी इतिहास में ऐसा कम ही हुआ है कि कोई राष्ट्रपति चुनाव में हार जाए। दूसरी तरफ वो कहते हैं कि ओबामा का समर्थन करने वाले लोग अब भी वही हैं जो चार साल पहले थे, यानी काले, लातिनी, एशियाई और महिलाएं।

हां, इतना निष्पक्ष राय रखने वाले भी कहते हैं कि ये तमाम समुदाय ओबामा से अधिक खुश नहीं हैं इसीलिए इनके अन्दर चार साल पहले वाला जोश नहीं है। इसीलिए उनका चुनाव के दिन मतदान केंद्रों पर जाकर वोट देना बराक ओबामा के दोबारा चुने जाने के लिए जरूरी है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Amarujala Hindi News APP
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

नवरात्रि 2017 पूजा: पहले दिन इस फैशन के साथ करें पूजा

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

इन 4 तरीकों से चुटकियों में बढ़ेंगे आपके बाल...

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

'श्री कृष्‍ण' बनाने वाले रामानांद सागर की पड़पोती सोशल मीडिया पर हुईं टॉपलेस, देखें तस्वीरें

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

महिला ने रेलवे स्टेशन से कर ली शादी, जानिए ये दिलचस्प लव स्टोरी

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

महेश भट्ट की खोज थी 'आशिकी' की अनु, आज इनको देख आ जाएगा रोना

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

Most Read

अमेरिकी कंपनियों की शर्तों से मुश्किल में मेक इन इंडिया

Modi Govt Shock, US defence firms want Assurance Over in Make in India plan
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

बेंजामिन नेतन्याहू बोले- पीएम मोदी की इजरायल यात्रा ऐतिहासिक

Netanyahu said, Visit by Modi to Israel truly historic
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

यूएन में बोलीं सुषमा स्वराज- पेरिस समझौते की शर्तें नहीं मानेगा भारत

Sushma Swaraj said, India will continue to work beyond the Paris Agreement
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

सुषमा स्वराज बोलीं- उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों के पीछे पाकिस्तान

Sushma said, North Koreas proliferation linkages must be explored
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

अमेरिकी छात्रों से बातचीत में बोले राहुल- कैसे दुनिया को बदल सकते हैं भारत और चीन

rahul gandhi in princeton university, how india and china would reshape the world
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

चीन के खिलाफ भारत, अमेरिका और जापान साथ

India America and Japan came together against China
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!