आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

क्या चरस की बिक्री की इजाज़त होनी चाहिए?

Avanish Pathak

Avanish Pathak

Updated Mon, 19 Nov 2012 03:54 PM IST
should marijuana be allowed for the sale
अमरीका के दो राज्यों वॉशिंगटन और कोलोराडो में मारियुआना यानी चरस रखने और मौजमस्ती के लिए उसके इस्तेमाल को कानूनी बना दिया गया है.
लेकिन ये संघीय नियमों के खिलाफ है. ऐसे में इन राज्यों का राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन के साथ तनाव हो सकता है.

इन दो राज्यों के फैसले से ये बहस तेज हो गई है कि क्या प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की कानूनी तौर पर बिक्री को मंजूरी दे दी जाए.

इस कदम से न सिर्फ एक विशाल बाजार पैदा होगा बल्कि इससे कर के रूप में बड़ी मात्रा में राजस्व भी प्राप्त होगा.

'यथार्थवादी रवैया'

वैसे इस मुद्दे पर नीदरलैंड्स जैसे देश में भी बहुत विवाद रहा है. वो दुनिया का पहला देश है जहां चरस कैफे हैं. लेकिन अब इस नीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

नीदरलैंड्स में चरस औपचारिक रूप से वैध नहीं है लेकिन विशेष लाइसेंस के साथ कॉफी शॉप कम मात्रा में उसे परोस सकते हैं.

हाल ही में दक्षिणी नीदरलैंड्स में नए कानून बनाए गए हैं जिनके अनुसार विदेशी सैलानी उन कैफेज़ में नहीं जा सकते हैं जहां चरस परोसी जाती है.

लेकिन कैफे मालिकों के कारोबार पर इस प्रतिबंध का बुरा असर हुआ है और वे इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं.

मासत्रिश्ट शहर में कॉफी शॉप मालिकों के संघ के अध्यक्ष मार्क योसेमन कहते हैं, “नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग आप कभी नहीं जीत सकते हैं, आप सिर्फ यथार्थवादी रवैया अपना कर इसे नियंत्रित कर सकते हैं.”

नियमों का टकराव

वॉशिंगटन और कोलोराडो में चिकित्सा उद्देश्यों के लिए पहले से ही चरस के इस्तेमाल की अनुमति थी, लेकिन अब मनोरंजन के लिए उसके इस्तेमाल को वैध बनाने से अमरीका की संघीय सरकार के साथ उनका टकराव तय है. संघीय नियमों के अनुसार चरस एक अवैध नशीला पदार्थ है.

अमरीका के हार्वर्ड विश्विविद्यालय के जेफ मिरॉन नशीले पदार्थों के मामले में नीदरलैंड्स के हालिया रुख को निराशाजनक बताते हैं.

वो बताते है कि अमरीकी सरकार नशीले पदार्थों को बाजार से दूर रखने की अपनी कोशिशों पर सालाना 44 अरब डॉलर खर्च करती है.

उनके अनुसार, “लोगों को ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल करने से रोकना कई तरह की समस्याओं को जन्म देता है. इन पर लगे प्रतिबंध लागू करने पर न सिर्फ बड़ी रकम खर्च की जाती है, बल्कि इससे भूमिगत बाजार बनते हैं, जिनमें काफी हिंसा और भ्रष्टाचार होता है. साथ ही वहां क्वॉलिटी पर भी नियंत्रण नहीं हो सकता है. इसका दुष्प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है.”

वो कहते है कि बहुत से देशों में नशीले पदार्थों की रोकथाम प्राथमिकता नहीं है क्योंकि गरीब देशों के लिए शिक्षा और गरीबी से निपटना कहीं बड़े मुद्दे हैं.

नफा ज्यादा या नुकसान

वैसे अमरीका में चरस के इस्तेमाल को उदार बनाने से हर कोई खुश नहीं है.

‘हेल्थी एंड ड्रग फ्री कोलोराडो’ मुहिम के निदेशक टॉम गॉरमन कहते हैं कि अमरीका के बाहर से बहुत सा पैसा आता है ताकि ऐसे प्रस्ताव पारित हो सकें.

वो बताते हैं कि 1970 के दशक से ही अमरीका में चरस के इस्तेमाल को कानूनी मंजूरी दिलाने की मुहिमें चलती रही हैं.

गॉरमन इस बात से सहमत हैं कि इससे सरकार को मिलने वाला राजस्व बढ़ेगा. लेकिन उनका कहना है कि इससे जो पैसा मिलेगा वो इसके कारण होने वाले नुकसानों में से 10 प्रतिशत की ही भरपाई कर पाएगा.

गॉरमन के अनुसार इससे ट्रैफिक हादसे बढ़ेंगे, अस्पतालों में आपात सुविधा और इलाज पर खर्च बढ़ेगा जबकि उत्पादकता में कमी आएगी.

"नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग आप कभी नहीं जीत सकते हैं, आप सिर्फ यथार्थवादी रवैया अपना कर इसे नियंत्रित कर सकते हैं."

मार्क योसेमन, कॉफी कैफे संघ के अध्यक्ष
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

B'Day Spl: 12वीं क्लास में फेल होने वाली कंगना आज हैं बॉलीवुड क्वीन, कभी सड़कों पर बिताई थी रातें

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

बचपन में ही इस हीरोइन पर लगने वाला था अडल्ट एक्ट्रेस का ठप्पा, अगर...

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

B'Day Spl: फिल्म में अपने हीरो पर हावी हो जाती हैं कंगना, अकेले ही देती हैं 100 करोड़ी मूवी

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

गर्मियों में सनस्क्रीन का काम करता है ये फल, जानें इसके अजब फायदे

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

38 साल की इस एक्ट्रेस ने किया खुलासा, डेढ़ साल पहले गुपचुप रचाई थी शादी

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

Most Read

अमेरिका के 'हेल्थ केयर बिल' पर टिकीं सबकी नजरें, आज हो सकता है पास

Trump fights for healthcare bill, makes headway with conservatives
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

मृत भारतीय इंजीनियर के सम्मान में US ने किया बड़ा ऐलान

Kansas March 16 'Indian-American Appreciation Day' to honour Indian engineer Srinivas Kuchibhotla
  • शनिवार, 18 मार्च 2017
  • +

ट्रंप का पाकिस्तान को झटका, 'मदद' में होगी कटौती

donald Trump' s budget to cut foreign aid, may impact Pakistan
  • शुक्रवार, 17 मार्च 2017
  • +

इंसान को मंगल पर भेजेंगे ट्रंप, बिल पर किए सिग्नेचर

Trump Signs Bill Directing NASA to Send Humans to Mars
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

नस्लीय हमलों के खिलाफ भारतीय एकजुट, बोले- दखल दें राष्ट्रपति ट्रंप

Hate Crime: Indians community protest out side White House
  • सोमवार, 20 मार्च 2017
  • +

ट्रंप ने जब जर्मन चांसलर से नजरें तक नहीं मिलाई

Awkward photo-op: Trump snubs Angela Merkel's request for handshake
  • शनिवार, 18 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top