आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ओबामा की जीत से कितनी बदलेगी दुनिया?

बीबीसी

Updated Thu, 08 Nov 2012 12:58 AM IST
how world changed by obama victory
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अगले चार साल के लिए एक बार फिर राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं, लेकिन ओबामा की जीत का उन देशों पर क्या असर पड़ेगा जिनका अमेरिका से सीधा लेना देना रहा है?
एक नजर बीबीसी संवाददाताओं के विश्लेषण पर।

मध्यपूर्व
बीबीसी के मध्यपूर्व संपादक जेरमी ब्राउन के मुताबिक जीत के बाद दिए गए अपने भाषण में ओबामा ने अमेरिकियों से कहा कि अफगानिस्तान में दस साल तक चला युद्ध अब खत्म होने वाला है, हालांकि मध्यपूर्व में बिगड़ते हालात ये दिखाते हैं कि अमेरिका के लिए ये आखिरी सैन्य अभियान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को आगे भी कड़े फैसले लेने होंगे।

सीरिया में छिड़ा युद्ध पड़ोसी देशों तक पहुंच रहा है और मुमकिन है कि दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ओबामा सीरिया में विद्गोहियों के समर्थन में सीधे तौर पर सामने आएं। इससे भी बड़ा फैसला ईरान को लेकर किया जाना है। अगले साल गर्मियों तक अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देश यह मान लेते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार हैं तो राष्ट्रपति ओबामा को यह फैसला करना होगा कि वो ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला करेंगे या इसराइल को ऐसा करने की हरी झंडी देंगे।

अमेरिका को अरब देशों के साथ नए सिरे से अपने संबंध परिभाषित करने होंगे। राष्ट्रपति ओबामा को यह ध्यान रखना होगा उनके पास भले ही सैन्य ताकत हो लेकिन मध्यपूर्व में अमेरिका की राजनीतिक साख गिर रही है।

यूरोप
ब्रसेल्स में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्रिस मॉरिस के मुताबिक अमेरिकी चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद ओबामा सहित यूरोप ने भी राहत की सांस ली है। सभी पूर्वानुमानों और चुनावी सर्वेक्षणों में बराक ओबामा के दोबारा चुने जाने की बात कही गई थी लेकिन अब जब नतीजे सामने हैं तो ब्रसेल्स में राहत की लहर दौड़ गई है जिसकी वजह साफ है।

यूरोजोन में छाई मंदी के बीच अमेरिका से बातचीत जारी रही है और ब्रसेल्स में छाई गहमागहमी के बीच कोई नहीं चाहता था कि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन से और नए समीकरण बनें। ओबामा के दोबारा चुने जाने से अमेरिका-यूरोजोन की विदेश नीति और अर्थनीति में बड़े फेरबदल होने से बचे रहेंगे।

चीन
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है उन्हें किसी बड़े बदलाव की कोई उम्मीद नहीं लेकिन अखबार के मुताबिक पश्चिम की लोकतांत्रिक व्यवस्था अब समाज के नेतृत्व के बजाय वोटरों को छलने पर आधारिक हो गई है। अखबार के मुताबिक चीन की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था ही सबसे बेहतर है।

अखबार के मुताबिक नई व्यवस्था में चीन के खिलाफ़ की जाने वाली गलत बातों पर अब रोक लगनी चाहिए। बीजिंग में मौजूद बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेन्स के मुताबिक चीन में गुरुवार को एक दशक बाद सत्ता परिवर्तन होगा और इससे ठीक पहले आए हैं अमेरिका के चुनावी नतीजे। यही वजह है कि चीन का ध्यान अंदरूनी राजनीतिक गतिविधियों पर केंद्रित है।

आर्थिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच संबंध खराब रहे हैं, और बीजिंग में इस बात को लेकर चिंता है कि ओबामा एक बार फिर एशिया पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। चीन की चिंताएं आगे भी जारी रहेंगी।

अफगानिस्तान
काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन सॉमरविल के मुताबिक अफगानिस्तान में अमेरिका का अभियान खत्म होने को है और अफगानिस्तान पर अमेरिका की नीति राष्ट्रपति के बदलने से नहीं बदलती।

हालांकि ओबामा के सामने अब ये सवाल है कि अफगानिस्तान से सैन्य बलों को कितनी जल्दी निकाला जा सकता है। माना जा रहा है कि ओबामा 2014 तक अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने की दिशा में और भी तेजी से काम करेंगे।

ईरान
ईरान में मौजूद बीबीसी संवाददाता मोहसिन असगारी के मुताबिक ईरान में लोगों को इस बात की आशंका थी कि मिट रोमनी की जीत का मतलब होगा ईरान के साथ युद्ध लेकिन ओबामा की वापसी के बाद लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

हालांकि ईरान के कुछ नेताओं का मानना है कि ओबामा की जीत से ईरान पर दबाव बढ़ेगा और वो इसराइल को बढ़ावा देने की नीति जारी रखेंगे।

पाकिस्तान
इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी के इलियास खान के मुताबिक पाकिस्तान की सेना का राजनीति पर खासा दबदबा है और रिपब्लिकन पार्टी के साथ लेना के हमेशा से सहज सबंध रहे हैं। जबकि लोकतंत्र, आज़ादी और परमाणु ऊर्जा के मुद्दे पर डेमोक्रेट पार्टी के नेता बराक ओबामा की नीतियां उसे रास नहीं आई हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि ओबामा की जीत के बाद पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और अमेरिका चाहेगा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में अमेरिका की नीति को समर्थन दे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

इस हीरोइन की मजबूरी के चलते खुल गई थी मनीषा की किस्मत, शाहरुख के साथ बनी थी 'जोड़ी'

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

रोजाना लस्सी का एक गिलास कर देगा सभी बीमारियों को छूमंतर

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

LFW 2017: शो के आखिरी दिन लाइमलाइट पर छा गए जैकलीन और आदित्य

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

फैशन नहीं लड़कों की दाढ़ी के पीछे छिपा है ये राज, क्या आपको पता है?

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

एक असली शापित गुड़िया जिस पर बनी है फिल्म, जानें इसकी पूरी कहानी...

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

Most Read

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देंगे इस्तीफा!

US president Donald Trump will resign
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

अमेरिका ने दी धमकी, उत्तर कोरिया ने एक भी मिसाइल दागी तो देंगे तुरंत जवाब

Ameria attacked on North Korea, said tweeted a single missile then respond immediately
  • शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
  • +

तेल टैंकर से टकराया US नेवी का जंगी जहाज, 10 नौसैनिक लापता

10 sailors missing after US warship collides with Oil tanker
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

अमेरिका ने पाकिस्तान को किया बेनकाब, मांगा आतंकी गतिविधियों में शामिल न होने का सबूत

American General said, pakistan must ensure its soil is not used for terror activities
  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

उत्तर कोरिया के खिलाफ एकजुट होने के लिए पीएम मोदी ने किया ट्रंप का शुक्रिया

Pm Modi thanked us president donald Trump for being united against North Korea
  • मंगलवार, 15 अगस्त 2017
  • +

वैज्ञानिकों ने ढूंढा HIV संक्रमण के पता लगाने का ये नायाब तरीका

novel way of tracking HIV infection has been discovered,
  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!