आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   piya bhart salamat ho jale dushmn ka har saya
piya bhart salamat ho jale dushmn ka har saya

मेरे अल्फाज़

भारत सलामत हो

अतुल अवस्थी

27 कविताएं

43 Views
सैनिक की पत्नी का करवा चौथ

तुम्हारी याद ने हमको.......पिया दिन भर है तड़पाया
रही व्रत मैं पिया दिनभर..........तो चंदा में तुम्हे पाया

जो चलनी ओट से झांका तो प्रियतम खिलखिलाते हो
लगा चंदा का धर के रूप........ साजन तुम बुलाते हो

यहाँ पर सब कुशल मंगल.......वहाँ कैसे हो तुम बोलो
रही व्रत कामना के संग......सदा भारत की जय बोलो

पिया मेरा एलओसी की ...........हवाएं बर्फ भी सह ले
सजन के कष्ट हों जितने ...........हमारे आँसू ही बह ले

दिया जब अर्ध्य चंदा को ..........तिरंगे को भी लहराया
पिया-भारत सलामत हो ......जले दुश्मन का हर साया

मेरे चंदा मैं बनकर चाँदनी ..............तुमसे लिपटती हूँ
स्वप्न में गुदगुदाते हो ...........तो प्रियतम मैं सिमटती हूँ

हमारे व्रत औ पूजा का है .........सारा फल तुम्हे अर्पण
जो दुश्मन सामने आए ...........पिया गोली करो तर्पण

तिरंगे के सिपाही तुम ................पुजारन मैं तुम्हारी हूँ
तिरंगा झूम कर लहरे ...........कसम तुम पर मैं वारी हूँ

यही है कामना करवा के ..............चंदा से हमारी बस
पिया भारत सिपाही हो ........जनम तक मैं तुम्हारी हूँ

- अतुल अवस्थी 'अतुल'

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!