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मेरे अल्फाज़

गुलाबी सपने

akanskha pandey

17 कविताएं

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मेरे ख्वाबों में उनका आना
फिर मुझे देख कर धीरे से मुस्कुराना,
मैं भी देख कर तुम्हें पागल सी हो जाती हूं,
सारे जहां की खुशी बस तुम मे ही पा लेती हूं,
ना जाने क्यूं तुम्हारे रूठने से मेरी आंखें भर आती है,

तुम आते हो रोज
याद बनकर
और फिर यादों में हम
खो जाते हैं
इन गुलाबी ख्वाबों में हम पास
तुम्हारे आ जाते
हैं, भूल कर सारी
दुनिया को
बस तुम में ही
मिल जाते हैं !!

- उपासना पांडेय
   हरदोई, उत्तर प्रदेश

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