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इरशाद

देखें, सुनें और खो जाएं - मिर्ज़ा ग़ालिब तमसीली मुशायरा

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • शुक्रवार, 8 सितंबर 2017
देखिये और एहसास-ए-सुखन करिये मिर्ज़ा ग़ालिब तमसीली मुशायरा का!

कहते है ग़ालिब का शेर कवियों की रगों में दौड़ता है।

कुछ ऐसी ही शख्सीयतें मसलन अालोक श्रीवास्तव, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, मंज़र भोपाली और ख़ुर्शीद हैदर मिले दिल्ली के इस तमसीली मुशायरे में। 

तो लुत्फ़ उठाएं अमर उजाला की ख़ास पेशकश का - मिर्ज़ा ग़ालिब तमसीली मुशायरा! 
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