आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

आपदा के नाम पर लूटखसोट

Uttar Kashi

Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
केस नंबर 1- सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा कार्य के तहत पौटी गांव में वर्ष 2010-11 में 8 लाख रुपये लागत से सीसी ब्लाक बनाए थे। इस साल दैवी आपदा में इसकी मरम्मत के लिए 55.73 लाख रुपये का आगणन दिया गया है।
केस नंबर 2- ब्लाक कार्यालय ने दो साल पहले खांड गांव से फाल्टा गाड तक 80 हजार में संपर्क मार्ग बनाया था। अब इसकी मरम्मत के लिए 4.22 लाख रुपये की डिमांड की गई है। 60 हजार में चपटाड़ी से सैराली तोक तक बने संपर्क मार्ग के लिए भी ढाई लाख का आगणन थमाया गया है।

केस नंबर 3- लघु सिंचाई विभाग ने कोटी गांव के दिनाला तोक में एक लाख रुपये लागत से 200 मीटर लंबी गूल बनायी थी। आपदा में क्षतिग्रस्त इस गूल की मरम्मत के लिए 3.10 लाख का आगणन तैयार हो चुका है।

दिनेश रावत
बड़कोट। राहत और मरम्मत कार्यों के नाम पर बेहिसाब लूटखसोट हो रही है। खासकर सरकारी विभाग की स्थिति तो ऐसी है मानो उन्हें आपदा का ही इंतजार था। छोटे-मोटे नुकसान को भी बेहद बड़ा बताकर विभाग दिल खोलकर पैसा मांग रहे हैं। जिस काम पर एक या डेढ़ साल पहले आठ लाख रुपये खर्च हुए थे उसकी मरम्मत के लिए अब 55 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। आपदा में जीवन भर की कमाई गंवाने के बावजूद सहायता के नाम पर चंद हजार रुपये हाथों में लिए लोग बड़ी मायूसी और गुस्से से इस लूट को देख रहे हैं।
ऐसे एकाध नहीं कई मामले सामने आ रहे हैं। जानकारों के मुताबिक अगस्त में आई बाढ़ में ज्यादा से ज्यादा करीब सौ करोड़ की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा, लेकिन आंकलन इतना कि कोई अनुमान भी नहीं लगा सकता। सरकारी परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के आगणन 600 करोड़ रुपये के आंकड़े पार कर चुके हैं। हैरानी की बात तो यह है कि यह आगणन तकनीकी विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के बाद ही जिला मुख्यालय भेजे जाते हैं।

इनके लिए नहीं कोई मानक
आपदा में अपना सबकुछ गवां चुके लोग भले ही मनमाने मानकों की मार झेल रहे हैं, लेकिन सरकारी विभागों पर कोई मानक लागू नहीं होता। निजी संपत्तियों के नुकसान के एवज में लोगों को महज पांच करोड़ रुपये की सहायता बांटी गई, जबकि सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान का अनुमान ही सोच से परे है।

गड़बड़ी पर है नजर : एसडीएम
बड़कोट। एसडीएम परमानंद राम भी इस तरह की गड़बड़ियों को स्वीकार करते हैं। उनका कहना है कि हर पत्रावली को विस्तार से देखा जाना संभव नहीं है। जिस भी आगणन में गड़बड़ी लग रही है उसे आख्या के साथ डीएम को प्रेषित किया गया है। ताकी ऐसी योजनाओं पर अकुंश लगे और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो सके।

एक आदेश ने खोली पोल
बड़कोट। असल में एसडीएम के एक आदेश के बाद यह सभी गड़बड़ियां सामने आई हैं। एसडीएम ने सभी विभागों को क्षतिग्रस्त हुई सरकारी संपत्ति के आगणन पर योजना की लागत और निर्माण वर्ष अंकित करने के भी आदेश दिए थे। इसी आदेश के कारण बड़े पैमाने पर हो रहा गोलमाल सामने आया है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

louttit name disaster

स्पॉटलाइट

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

बंदर के पोज में क्यों बैठे हैं 'गुंडे', ट्विटर पर डाली फोटो

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

यूरिन इंफेक्शन से दूर रखेंगे ये सुपर फूड्स, ट्राई करके देखें

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

महिला बॉडीगार्ड ज्यादा रखने की कहीं ये वजह तो नहीं?

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

जानें कैसे 400 ग्राम दूध बचा सकता है आपको आने वाली दुर्घटनाओं से

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

यूपी डीजीपी का पद छोड़ते वक्त ये ट्वीट कर गए जावीद अहमद, आपने पढ़ा?

javeed ahmed tweets before leaving the post of UP dgp
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +

3 हजार ईंट लेकर पहुंचे मुस्लिम, बोले- बनाओ राममंदिर

muslims reach ayodhya with 3000 bricks for ram temple construction
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार ने की आजम खां की सुरक्षा में कटौती

 UP govt reviews security of leaders.
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का गरीबों को एक और तोहफा, अब मई से दोगुना मिलेगा...

The Yogi Government's gift to the poor, now it will double in May ...
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

दिल्ली से लौटते ही बदल गए कांग्रेस नेताओं के सुर, पढ़िए किसने क्या कहा

himachal congress leaders and ministers statements
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

मोदी-राजे ने नहीं दी लाल बत्ती, क्यों उतारूं, अड़ा ये MLA

MLA said, I do not remove lal batti
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top