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भूख नहीं अंधेरे से लगता है डर

Uttar Kashi

Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
उत्तरकाशी। तीन सप्ताह बीत गए हैं। बावजूद इसके असी गंगा घाटी के सात गांवों में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। बिजली-पानी, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाएं तो दूर, पैदल आवाजाही के रास्ते तक नहीं बन पाए। इन गांवों में फिलहाल भूख से ज्यादा अंधेरा डरा रहा है।
असी गंगा घाटी की तीन हजार की आबादी की मुश्किलें 24 जुलाई को बादल फटने की पहली घटना से ही शुरू हो गई थीं। तीन अगस्त को तो उनका संगमचट्टी बाजार, आने-जाने के रास्ते और पुल तबाह हो गए। प्रशासन ने लकड़ी के अस्थायी पुलों का जुगाड़ किया, लेकिन वह भी 20 अगस्त की रात को असी गंगा के उफान में बह गए। अब बेबरा और अन्य छानियों की पुलिया फिर बहने से 65 परिवार फिर गांव से अलग-थलग पड़ गए हैं।
स्थिति यह है कि स्कूल बंद हैं। भंकोली का आयुर्वेदिक अस्पताल बंद है। बिजली गायब है। रात के अंधेरे में उफनते गदेरों के शोर से लोगों की नींद उड़ जाती है। क्षेत्र के लिए संगमचट्टी में असी गंगा पर पेड़ गिराकर किया गया इकलौता आवाजाही का जुगाड़ ही बचा है। इससे होकर अगोड़ा से 22 किमी उत्तरों गांव होकर सड़क तक आना जोखिम भरा है। इस रास्ते पर 10 किलो सामान पीठ पर लादकर गांव ले जाने की मजबूरी को देख लोगों का कहना है कि संस्थाएं या सरकार जो भी सहायता दें, वह गंगोरी में कहीं स्टोर करें। रास्ते तैयार होने पर वे स्वयं उठाकर घर ले जाएंगे। फिलहाल तो उन्हें बीमारों के लिए भंकोली सरकारी अस्पताल में डाक्टर और दवाएं पहुंचा दें और रोशनी का इंतजाम कर दें।
इलाज के लिए 22 किमी का पैदल सफर
उत्तरकाशी। असी गंगा घाटी के संपर्क मार्ग तबाह होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अगोड़ा गांव के युवक आशीष की तबीयत रात को खराब हो गई। न भंकोली के सरकारी अस्पताल में डाक्टर या फार्मेसिस्ट मिला और न ही किसी वैद्य हकीम की जड़ी-बूटी के नुस्खे काम आए। शुक्रवार को मुकेश ने दर्द से छटपटा रहे भाई को पीठ पर लादकर तो कहीं पैदल चलाकर 22 किमी जान जोखिम में डालने वाला पैदल सफर तय कर गंगोरी पहुंचाया। यहां से गाड़ी में बिठाकर उत्तरकाशी लाकर भाई का इलाज कराया। इलाज के बाद दोनों भाइयों को चिंता 22 किमी का सफर तय कर सुरक्षित गांव पहुंचने की है। मुकेश कहते हैं कि क्षेत्र में स्थायी चिकित्सा सेवा की जरूरत है। हर कोई मरीज को पीठ पर लादकर 22 किमी का सफर तय नहीं कर सकता।
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