आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

तीन हजार भैंसें, 500 लोग संकट में

Uttar Kashi

Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
उत्तरकाशी। रास्ते बंद होने से करीब तीन हजार भैंसों के साथ बुग्यालों में फंसे गूजर परिवारों के करीब 500 लोगों के लिए धीरे-धीरे संकट बढ़ता जा रहा है। कई हफ्तों से आलू के सहारे गुजरा कर रहे इन लोगों के पास खाने-पीने का सामान खत्म हो गया है। हजारों लीटर दूध रोजाना खराब हो रहा है, लेेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि भैंसें अब बीमारी की चपेट में आ रही हैं।
वन विभाग के परमिट के अनुसार असी गंगा घाटी, डोडाका, धारू, मोराल्टू, जायणीका, कगोरा, सतगढ़ी, कुजुका, देवकुंड, मुदगताल, मांझी तथा डोडीताल व चौलादूनी के बुग्यालों में गूजरों की 1452 से ज्यादा भैंसें मौजूद हैं। हालांकि, बुग्यालों से लौटे लोग इस आंकड़े को गलत बता रहे हैं। हर साल जाड़ा खत्म होने पर चरान के लिए बुग्यालों में पहुंचने वाले गूजर उत्तरकाशी बाजार में दूध, मावा, पनीर पहुंचाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। बाढ़ में सभी रास्ते ध्वस्त होने से यह गूजर अबतक वहीं फंसे हुए हैं। जल्द ही इन लोगों को निकालने की व्यवस्था न हुई तो उनका जीवन संकट में पड़ सकता है। बुग्यालों में फंसे वन गूजरों के प्रधान नूरू, कालू, बशीर, ताईहसन आदि का कहना है कि अब बुग्यालों से उतरने का समय हो गया है। लेकिन समझ न आ रहा कि क्या किया जाए। किसी तरह संगमचट्टी में वन गूजरों से मिलकर लौटे जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह रावत ने कहा कि पशुओं को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बुग्यालों में करीब 3000 भैंसों के साथ 100 गूजर परिवारों के 500 लोग फंसे हुए हैं।

सदियों से है वन गूजरों की आवाजाही
उत्तरकाशी। सदियों से वन गूजर हर साल अप्रैल में मवेशियों के साथ 10 से 13 हजार फिट ऊंचाई वाले बुग्यालों में डेरा डालते हैं। घुमंतू जाति के गूजराें की आजीविका दूध व दुग्ध उत्पाद पर ही टिकी है। सरकार ने कई बार इनके बच्चों के लिए चलते फिरते स्कूल व अस्पताल भी चलाए। मोरी में तो वन गूजरों को 99 साल के पट्टे भी जारी किए गए और कई गूजर परिवार वहां स्थायी रूप से निवास करते हैं। अगस्त 28 तक सभी वन गूजर ऊपरी हिमालय में ठंड बढ़ने पर अपना डेरा छोड़ कर ऋषिकेश व राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र की ओर रुख करते हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

500 people

स्पॉटलाइट

ऐसी भौंहों वालों को लोग नहीं मानते समझदार, जानिए क्यों?

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

सालों बाद करिश्मा ने पहनी बिकिनी, करीना से भी ज्यादा लग रहीं हॉट

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

ऑफिस के बाथरूम में महिलाएं करती हैं ऐसी बातें, क्या आपने सुनी हैं?

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

DU में 100 % कटऑफ से छात्रों को मिली राहत

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

'अंधेरा कायम' रखने के लिए खुद 15 दिन अंधेरे में रहे थे तमराज किलविश, अब दिखने लगे हैं ऐसे

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

Most Read

हिंसक हुआ जाट आरक्षण आंदोलन, तोड़-फोड़ आगजनी, धारा 144 लागू

jat agitation in bharatpur, train track and highway also block
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

स्मार्ट सिटी राउंड थ्री में यूपी के तीन शहर, जानें- किन 30 शहरों को मिला मौका

lname of cities in smart city list round 3
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

लालू का दावा- राष्ट्रपति चुनाव जीतेंगी मीरा कुमार, नीतीश ने की भूल

Lalu Prasad Yadav said I will ask Nitish kumar to reconsider his decision
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

कैबिनेट बैठक: खुलेगा नौकरियों का पिटारा, होंगे ये बड़े फैसले

himachal cabinet meeting on 24th june
  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

इलाज न मिल पाने से हुई थी पापा की मौत, बेटी ने डॉक्टर बनकर पूरा किया सपना

neet 2017 Shivani become doctor and complete her dream
  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

मिलिए 'लेडी सिंघम' से, इनके सामने बड़े से बड़े क्रिमिनल की हो जाती है पतलून गीली

lady singham ssp sonia singh in kanpur
  • सोमवार, 19 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top