आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बदनुमा दाग की तरह दिखती है असी गंगा यहां

Uttar Kashi

Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
सारा ट्रेकिंग का सामान बह गया
संगम चट्टी बही तो मेरा सारा ट्रेकिंग का सामान भी बह गया। मेरा सारा सामान भी बहीं था। एक छोटी सी दुकान बनाई हुई थी। मेरे कपड़े लत्ते भी सब वहीं था। एक जोड़ी कपड़ा जो यहां घर में था और कपड़े मैंने पहने हुए हैं, सिर्फ वही बचे हैं। संगम चट्टी को मैंने बेस कैंप बनाया हुआ था। डोडीताल और आसपास के लिए जो भी ट्रेकिंग होती थी, उसे मैं संगम चट्टी से ही ऑपरेट करता था। अब वही बेस नहीं रहा। मेरे लिए तो यह अंदाज लगाना भी अभी मुश्किल हो रहा है कि सामान कितने का खत्म हुआ। शुक्रवार की रात जब बरसात हुई तो घर में था। सुबह पता लगा कि संगम चट्टी ही नहीं रही। दिल को धक्का लगा। खासा नुकसान हुआ है। अब दूसरा बेस बनाना पड़ेगा। शुक्र है कि टूर देहरादून और दूसरी जगह से बन जाते हैं। मेरा मोबाइल से उनसे संपर्क तो हो ही जाता है।
जय सिंह रावत, भंकोली, टूर आर्गनाइजर
अब क्या करूं
क्या करूं, समझ में नहीं आ रहा। मैंने एनआइएम से एडवांस कोर्स किया फिर उसके बाद टाटा से भी जुड़ी। इन लोगों का बेस कैंप भी संगम घाटी में ही था। परिवार की स्थिति भी ठीक नहीं है। पिताजी रहे नहीं। भाई का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। एडवांस कोर्स करने के बाद आजीविका का एक सहारा मिला था। पता लगा है कि यह पूरा कैंप ही नहीं बचा। अब क्या करूं, समझ में नहीं आ रहा। घर भी देखना है और परिवार को भी चलाना है। उस रात जब बाढ़ आई तो घर में थी। पर सोचा न था कि इतनी तबाही होगी। आपदा प्रबंधन से जुड़ कर कुछ सकती हूं पर उसके लिए घर छोड़ना होगा।
ममता रावत, भंकोली

संगम चट्टी। शुक्रवार की रात आई आपदा ने अगोरा, नौगांव, भंकोली सहित आसपास के सात गांवों की मिलन स्थली और बाजार अब मलबे के ढेर में तब्दील है। संगम चट्टी अपने पैरों पर खड़ी हो भी जाए पर अस्सी गंगा की खूबसूरती अब शायद ही लौट पाए। कालदी के गुस्से ने इस घाटी का चेहरा भी बदरंग कर दिया है।
तीन अगस्त की रात तक संगम चट्टी में करीब 40 दुकानें थीं। यह चट्टी न होकर इन सात गांवों की मिलन स्थली थी और लेन देन का केंद्र भी। खाने-पीने का सामान यहां मिलता था और वक्त को सुकून से गुजारने के साधन भी यहां मौजूद थे। शुक्रवार की रात ने यहां सब कुछ तबाह कर दिया। संगम चट्टी के बाद इन सात गांवों के लिए सबसे नजदीक का बाजार उत्तरकाशी ही था। घर-घर की जरूरत का सामान लेने के लिए भी अब इन गांवों के लोगों को 14 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करके उत्तरकाशी पहुंचना होगा। सीधे-सीधे करीब तीन सौ परिवार इस चट्टी से जुड़े हुए थे।
गांव के लोग इस घाटी को उत्तरकाशी का चेरापूंजी कहते हैं। कहीं बरसात हो न हो पर शाम होते-होते यहां बारिश जरूर होती है। ऐसे में पूरी घाटी हरियाली और बेहद खूबसूरत नजर आती थी। टाटा का पर्यटन बेस कैंप भी इसी घाटी में था। इसी बेस कैंप से बछेंद्री पाल का नाम जुड़ा हुआ है। वन विभाग से लीज लेकर कई निजी आपरेटर भी यहां पर मौजूद थे। अब पूरी संगम घाटी का हाल यह है कि कभी बीस मीटर चौड़ी नदी अब करीब-करीब 80 मीटर चौड़ी हो चुकी है। नदी का तल करीब दस मीटर ऊपर तक उठ गया है। घाटी के चेहरे पर इस समय असी एक बदनुमा दाग की तरह दिखती है।


मोबाइल नेटवर्क नहीं था तो बच गए
भंकोली। हमें तो मोबाइल नेटवर्क न होने ने बचाया। यह कहना है यहां के लोगों का। घाटी में होने के कारण संगम चट्टी में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। ऐसे में आस पास के गांवों की सामान्य दिनचर्या ही यह है कि वे दिन चट्टी में बिताने पर रात को घर की राह लेते हैं। चट्टी के ठीक ऊपर गजोली गांव के लोगों की यहां दुकानें हैं। ये लोग भी रात को घर ही पहुंचते हैं। संगम चट्टी में जमीन भी स्थानीय लोगों की न के बराबर बताई जा रही हैं। यहां तीन लोग बाढ़ की चपेट में आए। गजोली के जगदंबा प्रसाद और उनकी पत्नी गंगेश्वरी देवी और पशुपालन विभाग का कर्मचारी चेन सिंह को संगम चट्टी में रहने की कीमत चुकानी पड़ी। गजोली के जगदंबा प्रसाद ने यहीं पर घर बना लिया था।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

asi ganga

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top