आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

आपदा के दौर में भी बाज नहीं आ रहे मुनाफाखोर

Uttar Kashi

Updated Mon, 06 Aug 2012 12:00 PM IST
उत्तरकाशी। आपदा के इस दौर में भी कई व्यवसायी मांग एवं आपूर्ति का संतुलन गड़बड़ाने पर अर्थशास्त्र के नियम के मुताबिक जरूरत की वस्तुओं की निर्धारित से ज्यादा कीमत वसूलने से बाज नहीं आ रहे हैं। नगर और आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चीनी 50 से 60 रुपये किलो बेची जा रही है। सब्जी और अन्य जरूरी सामानों के दाम भी कई दुकानदार मुंह मांगे वसूल रहे हैं।
सरकारी मशीनरी आपदा से बिगड़े हालात को दुरुस्त करने में व्यस्त होने से इन मुनाफाखोरों पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। हालांकि प्रशासन ने ऐसी शिकायतों को देखते हुए व्यापारियों को तय मूल्य पर ही सामान बेचने के निर्देश जारी किए हैं। बुद्धिजीवियों ने भी व्यापारियों से लोगों की परेशानी का नाजायज फायदा न उठाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अनावश्यक भंडारण करने के बजाय सिर्फ जरूरत के आधार पर ही सामान खरीदने की अपील की है, ताकि सप्लाई चेन बहाल होने तक सभी लोगों को जरूरत के सामान उपलब्ध हो सकें।

सामान के लिए जोखिम उठा रहे लोग
उत्तरकाशी। शनिवार रात तक चली तबाही का सिलसिला रविवार को थम गया। जिसके बाद सुबह बारिश के बीच ही लोगों ने खतरे की जद में आए अपने भवनों में से सामान निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान कई लोगों द्वारा ढहने की कगार पर पहुंचे भवनों में से भी सामान निकालने की जिद के चलते पुलिस को उन्हें समझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई जगह विवाद खड़ा कर लोग अपने क्षतिग्रस्त भवनों में घुसकर सामान निकालने में लगे रहे। जिससे यहां आपदा गुजरने के बाद भी जान जाने का खतरा मंडरा रहा है।

पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोग
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के अधिकांश क्षेत्र में जलापूर्ति के स्रोत असी गंगा में मची तबाही के बाद से नगर क्षेत्र में पानी की समस्या गहराने लगी है। सार्वजनिक पेयजल टंकियां खाली होने के बाद अब लोग नहाने-धोने की जरूरत के लिए बरसात का पानी इकठ्ठा करने के साथ ही पेयजल के लिए गिनती के हैंडपंपों के भरोसे हैं। पेयजल के लिए जल संस्थान और नगर पालिका के साथ ही आईटीबीपी से टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है। ज्ञानसू तथा जोशियाड़ा लदाड़ी बस्ती के लिए अलग स्रोतों से जलापूर्ति होने से वहां समस्या नगर की अपेक्षा कुछ कम है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

eagle profiteer

स्पॉटलाइट

कपल्स को देखकर ये सोचती हैं सिंगल लड़कियां!

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

नौकरी के बीच में ही कपल्स को मिल सकेगा 'सेक्स ब्रेक'

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

सुपरस्टारों के ये बच्चे भी बिन तैयारी हुए लॉन्च, हो गए फ्लॉप

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

बदन से आती है दुर्गंध ? खाने की प्लेट से हटा दें ये चीजें

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

हैलो! अनुष्का शर्मा आपसे बात करना चाहती हैं, ये रहा उनका नंबर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

वाेटिंग में पांच लाख इनामी डाकू बबुली काेल का खाैफ, पुलिस, पीएसी ने की घेरेबंदी

daku babuli kol affects up election 2017
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top