आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

32 साल से जीत के लिए तरस रही कांग्रेस

चंदन बंगारी /अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर

Updated Fri, 13 Jan 2017 11:03 PM IST
किसी जमाने में कांग्रेस की दबदबे वाली काशीपुर विधानसभा में पार्टी 32 सालों से जीत के लिए तरस रही है। यूपी के जमाने में एनडी तिवारी आखिरी नेता थे जो पार्टी के टिकट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उसके बाद से शुरू हुआ हार का सिलसिला उत्तराखंड बनने के बाद हुए तीन चुनावों तक जारी रहा। इसे संगठन की कमजोरी कहे या अन्य कारण लेकिन कांग्रेस जनता के टूटे विश्वास को दोबारा हासिल करने में आज तक असफल रही है। हार के तिलिस्म को तोड़ने के लिए पार्टी आलाकमान सोच समझकर और जिताऊ प्रत्याशी को मैदान में उतारने के लिए माथापच्ची कर रहा है। 
आजादी के बाद 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लक्ष्मण दत्त भट्ट 13 हजार 408 मतों के अंतर से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के रामदत्त जोशी को हराकर लखनऊ विधानसभा पहुंचे थे। 1957 में कांग्रेस से लक्ष्मण दत्त भट्ट और 1962 में पार्टी के देवीदत्त छिम्वाल ने रामदत्त जोशी को हराया था। 1967 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के रामदत्त जोशी ने कांग्रेस के एनडी तिवारी को 1577 वोटों से शिकस्त दी थी। लेकिन 1969 में हुए चुनाव में दमदार वापसी कर एनडी ने रामदत्त को 17 हजार 472 मतों से शिकस्त दी थी। 1974 में एनडी तिवारी ने भारतीय क्रांति दल के गनपत सिंह, वर्ष 1977 में जनता पार्टी के गोविंद सिंह को हराया। 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस से सत्येंद्र चंद्र गुड़िया ने जनता पार्टी के रविंद्र प्रसाद को हराया। वर्ष 85 में कांग्रेस के एनडी तिवारी ने लोकदल के अनवर अहमद को हराया था। 

उसके बाद कांग्रेस की हार का सिलसिला शुरू हो गया था। वर्ष 89 में निर्दलीय मैदान में उतरे केसी बाबा ने कांग्रेस के हरगोविंद प्रसाद को हराया। 1991 में चली रामलहर में भाजपा के राजीव अग्रवाल जीते और वर्ष 93 में भी राजीव को जीत हासिल हुई। 1996 में ऑल इंडिया कांग्रेस तिवारी से खड़े केसी बाबा ने बीजेपी के राजीव अग्रवाल को हराया था। उत्तराखंड बनने के बाद हुए 2002, 2007 और 2012 के चुनाव में भाजपा ने परचम लहराया था। लगातार कांग्रेस की हार की बड़ी वजह गुटबाजी भी रही है। आलाकमान के समक्ष बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर गुटबाजी थामने और जिताऊ प्रत्याशी को घोषित करने की है। जिसके लिए मंथन का दौर जारी है। 

दो चुनाव में जीतते-जीतते रह गई थी कांग्रेस
उत्तराखंड बनने के बाद हुए तीन चुनाव में से दो चुनाव कांग्रेस पार्टी जीतते-जीतते रह गई थी। वर्ष 2002 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी केसी सिंह बाबा महज 195 वोटों के अंतर से हारे थे। जबकि 2012 के चुनाव में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद तक टिकट को लेकर हां या ना का दौर चलता रहा। नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दौर में मनोज जोशी का टिकट घोषित हुआ था और वे भी 2382 वोटों से हारे थे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

uttrakhand election

स्पॉटलाइट

प्रभास की फिल्म 'साहो' का टीजर रिलीज, जबरदस्त एक्शन करते दिखे 'बाहुबली'

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होगी टाटा सफारी स्टॉर्म 4x4

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

इन पाक एक्टर्स से सीखिए दाढ़ी रखने का अंदाज, गर्मियों में भी दिखेंगे कूल

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

ये हैं वो 10 डायलॉग्स जिन्होंने विनोद खन्ना को 'अमर' बना दिया

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

देखें, दिलों पर राज करने वाले विनोद खन्ना के ये LOOK

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

भाजपा विधायक की गुंडागर्दी, पैसे न देने पर बैंक मैनेजर को बंधक बनाकर पीटा

bank manager fiercely beaten by BJP mla in Baraily
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

नाबालिग भतीजी के सा​थ बुआ की शर्मनाक करतूत देखिए, तीन बार अबॉर्शन

sexual harassment of minor girl by bua at chandigarh, three times abortion
  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

युवती से दुराचार कर दोस्तों को भेज दिए अश्लील फोटो

Girl Rape Case at Kullu, Accused Arrested.
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कार में लिफ्ट देकर छात्रा से रेप, आरोपी युवक फरार

rape with the girl in the car
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

लड़की ने प्रेम जाल में फांसा, रोजाना होती थी कॉल्स, एक दिन हुआ ऐसा कि..

girl blackmailing in ludhiana
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

यूपी में चार कत्ल के मामले का खतरनाक सच आया सामने

4 people of family killed ruthlessly in allahabad
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top