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कहीं एक-दो तो कहीं एक भी शिक्षक नहीं

Udham singh nagar

Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
सितारगंज। क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के बजाय व्यवस्था और भी पंगु होती जा रही है। कहीं एक-दो शिक्षक हैं तो किसी स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं। मुस्लिम बाहुल्य छह गांवों का हाल यह है कि यहां एक भी महिला शिक्षक नियुक्त नहीं है। शिक्षा विभाग की लापरवाही से आरटीई के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक सितारगंज तहसील क्षेत्र में सात सीआरसी है, जिनके अंतर्गत 137 राजकीय प्राथमिक विद्यालय और 34 उच्च प्राथमिक विद्यालय है, इनमें से सीआरसी कल्याणनगर के 31 प्राथमिक विद्यालयों एवं 9 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थी और अध्यापक के अनुपात ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बौद्धिक और प्रबंधन क्षमता पर सवाल खड़ा कर दिया है। विरेंद्रनगर प्राथमिक स्कूल में 169 बच्चों पर 10 अध्यापक नियुक्त हैं, जबकि नकहा स्कूल में 133 बच्चों को मात्र दो अध्यापक पढ़ा रहे हैं। राप्रा विद्यालय करघटिया में 16 बच्चे, मलपुरा में 20, सिसईया नवीन में 29, कोटाबाग में 34 बच्चों को पढ़ाने के लिए 2-2 शिक्षक नियुक्त हैं। इसके अलावा लौका गांव के राप्रा में 224, गोरीखेड़ा में 211, टुंडलिया में 138 एवं नकटपुरा में 145 बच्चों को भी 2-2 शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय सरकड़ा में 102 बच्चों के लिए एक अध्यापक, मलपुरा में 34 बच्चों के लिए चार अध्यापक नियुक्त हैं। हल्दुआ उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 19 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं है। सिर्फ एक शिक्षा मित्र पर बच्चों का भविष्य निर्भर है।
मुस्लिम बाहुल्य गांव गोरीखेड़ा, सरकड़ा, नकटपुरा, बिथा अकबर, हल्दुआ, नकहा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल में एक भी महिला शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है, जबकि कल्याणनगर संकुल क्षेत्र में 42 महिला शिक्षक हैं, जिनमें प्राथमिक स्कूल सितारगंज प्रथम में नौ महिला शिक्षक एवं द्वितीय में चार और विरेंद्रनगर में चार अध्यापिकाएं नियुक्त हैं। इनके अतिरिक्त क्षेत्र के छह अन्य संकुलों के स्कूलों की भी कमोवेश यही स्थिति है।

-किसी शिक्षक की पदोन्नति, सेवानिवृत्त या फिर स्थानांतरण हो गया तो ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी हो जाती है। हल्दुआ में शिक्षक नियुक्त है। एकल विद्यालयों में नई नियुक्ति होने के बाद शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा।
-कैलाश चंद्र शाक्य, खंड शिक्षाधिकारी, सितारगंज।
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