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‘रोशनी’ को ताक रहा सीतापुर अस्पताल

Udham singh nagar

Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
काशीपुर। जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण के बाद भी सीतापुर नेत्र चिकित्सालय को अब तक रोशनी नहीं मिल सकी है। हालात यह है कि चार मंजिला भवन जनप्रतिनिधियों व सरकार की उदासीनता के चलते धराशायी होने की कगार पर पहुंच गया है।
कई लोगों को रोशनी देने वाला सीतापुर नेत्र चिकित्सालय मरम्मत के अभाव में स्वयं रोशनी ताक रहा है। जनप्रतिनिधियों व सरकार की आंखें बंद होने से इस अस्पताल का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। हालात यह है कि भवन खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। दो साल पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण कर शासन को 45 लाख का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने अपने ही विधायक के प्रस्ताव को तवज्जो नहीं दी। इसके बाद स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री निशंक ने अपने काशीपुर दौरे के दौरान सीएमओ से प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था। तब पीडब्लूडी के माध्यम से शासन को 90 लाख का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन आज तक अस्पताल की मरम्मत के लिए धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी। इतना ही नहीं सांसद केसी सिंह बाबा का भेजा 20 लाख का प्रस्ताव बनाकर अब कांग्रेस सरकार आने के बाद भी धूल फांक रहा है। यहां बता दे कि वर्ष 1985 में बना सीतापुर अस्पताल तीन एकड़ में फैला हुआ है।
चार मंजिले अस्पताल में प्रथम तल में ओपीडी, रिफ्रेक्शन रूम, डार्क रूम, माइनर ओटी, प्राईवेट वार्ड, दूसरे तल में ओटी व जनरल वार्ड, तीसरे तल में जनरल वार्ड व अल्सर वार्ड तथा चौथे तल में ड्यूटी रूम और जनरल वार्ड है। इतना ही नहीं अस्पताल में ओपरेटिंग माइस्क्रेप (जापानी), अल्ट्रासाउंड ए स्केन, स्लीक लैंप, क्रेटो मीटर, ऑफेलमों स्कोप समेत सर्जरी से संबंधित लगभग 40 लाख रुपए की मशीनें हैं। लेकिन विडंबना यह रही कि 27 साल से अस्पताल की न तो मरम्मत हुई और न ही रंग रोगन। जबकि अस्पताल में एक नेत्र विशेषज्ञ सहित पांच लोग का स्टाफ है।
इंसेट....
अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी के दौरान 60 से 70 मरीज आते हैं। जबकि प्रतिदिन 4-5 आपरेशन भी किए जाते हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। इससे अस्पताल की स्थिति बड़ी नाजुक हो गई है। यदि शासन अस्पताल के लिए धनराशि उपलब्ध कराता है तो अस्पताल को जीवन दान मिल जाएगा।
एके सारस्वत, प्रभारी व नेत्र विशेषज्ञ, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय
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