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तस्करों ने बन्नाखेड़ा वन रेंज में काटे हरे पेड़

Udham singh nagar

Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
बरहैनी (बाजपुर)। बन्नाखेड़ा रेंज में लकड़ी तस्करों ने वर्षों पुराने पीपल एवं बड़ के करीब बीस पेड़ों पर आरी चला दी। तस्कर कटे पेड़ों को जंगल में ही छोड़कर भाग गए। वहीं, जंगलात और पुलिस-प्रशासन को इस अंधेरगर्दी की भनक तक नहीं लगी है। उत्तराखंड के जंगलों का काटन कर सैकड़ों पेड़ों को गिल्टों में तब्दील कर ट्रकों के जरिए यूपी में सप्लाई किया जा रहा है।
बाजपुर के बन्नाखेड़ा वन रेंज के प्लांट संख्या 10 और 12 क्षेत्र के अंतर्गत तस्कर बेशकीमती पेड़ों को रातोंरात काट कर यूपी के रामपुर, मुरादाबाद, बरेली जिलों के स्वार, टांडा, ठाकुरद्वारा बहेड़ी और जसपुर की उपमंडियों में ऊंचे दामों पर बेचकर लाखों रुपये कमा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से बन्नाखेड़ा वन क्षेत्र की चनकपुर बीट में अवैध रूप से पेड़ों का कटान हो रहा है, लेकिन वन अधिकारी उस तरफ जाना भी मुनासिफ नहीं समझते, जिससे साफ जाहिर होता है कि तस्करों से इनकी मिलीभगत है। शनिवार रात को बीट चनकपुर क्षेत्र में पीपल, बड़ समेत अन्य करीब 20 पेड़ों को काटकर तस्कर गिल्टे ले गए। तस्कर कई पेड़ को काटकर मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। रविवार सुबह राहुल ब्रिगेड के महामंत्री महेश आंगरी, हरीश दानू, मुस्तफा, कैलाश कांडपाल, सचिन आदि ने पीपल के अवैध रूप से काटे गए पेड़ों को देखा। इन्होंने मौके पर हंगामा कर सूचना बन्नाखेड़ा वन विभाग को दी। सूचना पर वन अफसरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। बन्नाखेड़ा वन रेंजर आरसी आर्य ने बीट कर्मचारी के हटाने का ग्रामीणों को भरोसा दिया है।
ग्रामीणों का कहना है तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें वन कर्मियों का भी भय नहीं है। ग्रामीण कहते हैं वन कर्मचारियों और तस्करों के बीच सांठगांठ न होने पर फायरिंग कर मुठभेड़ का रूप दिया जाता है। साथ ही तस्करों को फरार दिखाया जाता है।

तस्करों के खिलाफ किया गया है मुकदमा दर्ज
बाजपुर। वन प्रभाग रामनगर के डीएफओ निशांत वर्मा ने बताया बन्नाखेड़ा क्षेत्र में तीन बड़ इत्यादि प्रजाति के कटे पेड़ों को कब्जे में लेकर गड़प्पू वन चौकी में रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएफओ वर्मा ने बताया यूपी के रामपुर स्वार निवासी मोहवे ठेकेदार ने इन तीनों पेड़ों की शाखाआें को काटा है। उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने वन अधिकारियों को अवैध कटान रोकने के भी सख्त निर्देश दिए हैं।
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