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टमाटर ही नहीं बीज भी पैदा करेंगे किसान

Pithoragarh

Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
पिथौरागढ़। सब्जियों का सरताज टमाटर अब किसानों की किस्मत फेरेगा। उनकी आमदनी दिन दूनी और रात चौगुनी उछाल भरेगी। पहाड़ की परिस्थितियाें के लिए मुफीद टमाटर बीज का उत्पादन अब इस जिले में भी होगा। छोटे से गांव बड़ावे से इसकी बाकायदा शुरुआत कर दी गई है। इन बीजों को पालीहाउस ही नहीं खुले खेतों में भी तैयार किया जा सकेगा। ये बीज हाईब्रिड नहीं पहाड़ी होगा। किसान की जेब पर मार भी नहीं पड़ेगी और साथ ही इससे पैदावार में भी इजाफा होगा।
बड़ावे, नाघर और नाखेत में नाबार्ड के सहयोग से निधि संस्था ने टमाटर के उन्नत किस्म के बीज देकर खेती शुरू कराई है। हाई क्वालिटी सीड्स प्रोडक्शन के तहत अप्रैल से शुरू इस कार्यक्रम के फल भी नजर आने लगे हैं। काश्तकार भुवन चंद्र जोशी का कहना है कि उन्होंने इन बीजों को बिना किसी उम्मीद के पॉलीहाउस में छिड़का था। पर टमाटर की लहलहाती फसल ने उनका नजरिया बदल दिया। अब एक पेड़ में 15 किलोग्राम से 21 किलोग्राम तक टमाटर लगे हैं। कमोबेश ऐसी ही सोच 19 अन्य काश्तकारों की भी है। निधि संस्था के निदेशक डा. सुनील पंाडेय का कहना है कि बीज देने से पूर्व इन काश्तकारों को पौधे की देखभाल का बेसिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम को तकनीकी सहयोग दे रही अल्मोड़ा की विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान का कहना है कि ये बीज कुमाऊं में पहली बार बड़ावे में प्रायोगिक रूप से शुरू किया गया था। वैज्ञानिक डा. बीएम पांडेय का कहना है कि वीएल-2 नाम का ये बीज कतई हाईब्रिड नहीं है बल्कि पूरी तरह पहाड़ की परिस्थितियों के अनुकूल है। इन पौधों में लगने वाले टमाटर का उपयोग खाने के साथ ही बीज के रूप में भी किया जा सकेगा। एक पौधे में करीब 24 किलोग्राम तक टमाटर की पैदावर मुमकिन है। साथ ही ये बीज पॉलीहाउस के अलावा खुले खेत में भी उगाए जा सकेंगे।
बाजार में टमाटर का बीज छह हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलता है। अब किसानों को बीज खरीदने के लिए आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। उल्टे अब वह बीजों की बिक्री कर सकेंगे। किसानों द्वारा उगाए बीजों की खरीद के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। नाबार्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक विकास भट्ट का कहना है कि बड़ावे आदि इलाकों में उत्पादित बीज की बिक्री किसान क्लब फैडरेशन के माध्यम से की जाएगी। आने वाले समय में इसे विस्तार देने के साथ ही लहसुन, मिर्च और फ्रासबीन में भी आजमाया जाएगा।
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