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व्यावसायिक दुरुपयोग पर लगाम लगना जरूरी

Pithoragarh

Updated Sat, 09 Jun 2012 12:00 PM IST
पिथौरागढ़। रसोई गैस सिलेंडराें को लेकर चारों तरफ मारामारी मची है। चक्का जाम से लेकर विरोध-प्रदर्शन तक इसके लिए कई बार हो चुका है। एक अदद सिलेंडर पाना आम आदमी के लिए जंग जीतने से कम नहीं है। पुलिस ने दो मुकदमे भी दर्ज किए। पर इन सबसे रसोई गैस सिलेंडर की किल्ल्त दूर होने का नाम नहीं ले रही है। इन दिनों प्लांट से गैस की कम आपूर्ति हो रही है, लेकिन इसके पीछे सबसे बड़ी वजह वितरण प्रणाली और घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक दुरुपयोग है।
पूर्ति विभाग के मुताबिक पिथौरागढ़ जिले में व्यावसायिक कनेक्शनों की तादाद 711 हैं। रेस्टोरेंट, होटल, आभूषण कारीगर आदि कारोबारी प्रतिष्ठान व्यावसायिक गैस सिलेंडरधारी हैं। मगर ज्यादातर दुकानों में व्यावसायिक कनेक्शन शोपीस बने हैं। इसके बजाय काम घरेलू गैस से चलाया जा रहा है। 711 व्यावसायिक कनेक्शन की तुलना में औसत मासिक रिफिलिंग बमुश्किल 500 ही है। दर्जनों व्यावसायिक कनेक्शन ऐसे हैं, जिन्होंने कभी रिफिलिंग नहीं की। पर ऐसे उपभोक्ताओं पर कानून का डंडा अमूमन चल नहीं पाया। गैस वितरण केंद्र के प्रभारी जीएस बनकोटी का कहना है कि नियमों के मुताबिक घरेलू गैस की तीन महीने एवं व्यावसायिक गैस की हर माह रिफिलिंग आवश्यक है। पर ये नियम किताबों से आगे क्रियांवित हो नहीं पाए।
नतीजा यह कि घरेलू उपभोक्ताओं को तो रसोई गैस पाने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं, लेकिन गैस की कमी से कारोबारियों का चूल्हा कभी बंद नहीं होता। जिले में 96,247 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। हर माह करीब 36 हजार सिलेंडरों की खपत है। पर आमद 29 हजार सिलेंडरों की ही हो रही है। आम उपभोक्ताओं को ही गैस की कमी से जूझना पड़ रहा है। सब्सिडी नहीं होने से व्यावसायिक गैस 74 रुपये प्रति किलोग्राम अधिक की पड़ रही है और इसकी कालाबाजारी पर लगाम न होने का असर आम घरेलू उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है।
गंगोलीहाट, बेरीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला आदि स्थानों पर रसोई गैस तीन-तीन हफ्तों से नहीं बंटी है। इन दूरदराज के इलाकों के लोग गैस संकट से जूझ रहे हैं। नतीजा यह कि जंगल से लगे ग्रामीण इलाकों के लोग लकड़ी से खाना बनाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसके चलते वनों पर मार पड़ना लाजमी है। उधर जिलापूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह का कहना है कि गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभाग और गैस वितरण केंद्र संयुक्त रणनीति बना काम करेगा।
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