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23 को होगा न्यायालय भवन का भूमि पूजन

Pauri

Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
लैंसडौन। प्रदेश के सबसे पुराने न्यायालय परिसर में से एक मुंसिफ मजिस्ट्रेट न्यायालय (नया नाम सिविल जज जूनियर डिवीजन) का अब जल्दी अपना भवन होगा। साथ ही सिविल जज और न्यायालय कर्मियों के लिए आवास भी बनाए जाने हैं। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष इसका भूमि पूजन करेंगे।
लैंसडौन स्थित सिविल जज जूनियर डिवीजन के दिन बहुरने वाले हैं। वर्ष 2003 में बार एसोसिएशन और राजस्व विभाग की 0.246 हेक्टेयर भूमि पर शासन से न्यायालय परिसर बनाने की अनुमति मिल गई थी। इसके लिए 287.43 लाख की लागत से भव्य भवन का निर्माण किया जाना है। इसकी भूमि पूजन और शिलान्यास के लिए 23 दिसंबर की तिथि तय की गई है। इसके लिए मुख्य न्यायाधीश यहां पहुंच रहे हैं। निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था लोनिवि को बनाया है। सिविल जज जूनियर डिवीजन मदन राम ने बताया कि इसी दिन नगर में विधिक साक्षरता शिविर भी आयोजित किया जाएगा।

बार एसोसिएशन के भवन में चल रहा है न्यायालय
वर्तमान समय में न्यायालय बार एसोसिएशन के भवन में चल रहा है। हर साल यहां पर आठ से दस बार जिला जज का शिविर भी लगता आ रहा है। काफी समय से यहां पर नए न्यायालय भवन की जरूरत महसूस की जा रही थी। बार संघ ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजे थे।

1909 में स्थापित हुआ था न्यायालय
छावनी नगर में 1909 में न्यायालय स्थापित किया था। यहां पर न तो सिविल जज और न ही न्यायालय कर्मियों के लिए आवासीय भवनों की व्यवस्था थी। 1980 से पहले तक यहां की तहसील उत्तराखंड की सबसे बड़ी तहसीलों में थी। उसके बाद थैलीसैंण, धुमाकोट, कोटद्वार, यमकेश्वर, चौबट्टाखाल और सतपुली तहसीलें अस्तित्व में आई।


क्या है योेजना में
प्रस्तावित योजना के तहत .0045 हेक्टेयर बार एसोसिएशन और .201 हेक्टेयर राजस्व विभाग की भूमि पर दो मंजिला न्यायालय भवन बनेगा। इसमें दो गैराज भी होंगे। आवासीय भवन में टाइप टू के पांच, टाइप चार के तीन कमरों का निर्माण होना है। इसके अलावा न्यायालय कर्मियों के लिए कैंटीन की व्यवस्था भी वहीं पर होगी।


आगामी 23 दिसंबर को भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया जाना है। इसके लिए मुख्य न्यायाधीश यहां पहुंच रहे हैं। उनके साथ उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति और प्रशासनिक न्यायमूर्ति भी यहां आएंगे। -जेएस हयांकी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि लैंसडौन।
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