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....और इंजीनियर छुट्टे घूम रहे हैं

Pauri

Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
श्रीनगर। चौरास तथा श्रीनगर को जोड़ने के लिए पुल की जरूरत न सिर्फ जन प्रतिनिधियों, विवि शिक्षकों व छात्रों ने ही नहीं, बल्कि समय-समय पर साहित्यकारों व रंगकर्मियों ने भी जताई है। किसी ने क्षेत्रीय विकास के लिए पुल को जरूरी मापदंड की तरह माना, तो किसी ने समय पर पुल तैयार न होने को दुनिया का बड़ा आश्चर्य भी बताया।
नगर क्षेत्र में रहने वाले संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार हों या बाहर से यहां आकर अपनी प्रस्तुतियां देने वाले। सभी ने चौरास तथा श्रीनगर को जोड़ने की जरूरत पर लगातार जोर दिया है। तीन वर्ष पूर्व चौरास पुल का निर्माण कछुआ चाल से किए जाने पर डा.एसपी सती ने व्यंग्य करते हुए लिखा था- फ्रांस का मलय पुल भले ही अपनी लंबाई तथा विशालता को लेकर प्रसिद्ध हो, लेकिन धीमी चाल से निर्मित होने के लिए चौरास पुल भी किसी आश्चर्य से कम नहीं। यदि यही गति रही, तो शायद ही यह पुल कभी बन सके और लोगों की धीत भर दे।
चौरास पुल के टूटने पर वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी प्रो.डीआर पुरोहित ने भी व्यंग्य लिखा। व्यंग्य के ये शब्द- पुल की टांगे आसमान को घाम लगी हुई हैं और इंजीनियर छुट्टे घूम रहे हैं, चौरास पुल के टूटने में हुई अनियमितताओं पर संस्कृतिकर्मियों के दर्द का बखान करती हैं। राष्ट्रीय नाट्य समारोह में अन्ना टीम से जुड़े अरविंद गौड़ द्वारा निर्देशित आपरेशन थ्री स्टार नाटक में भी टूटते पुलों की त्रासदी पर दर्शाए दृश्य में चौरास पुल की व्यथा का जिक्र किया गया।
प्रसिद्घ कवि नीरज नैथानी अपनी कविता में लिखते हैं-
पुल पैनल टूटकर यूं झुक गए हैं, मानो उम्मीदों के चिराग बुझ गए हैं।
पुल का पार्थिव शरीर न जाने कब तक यूं ही लावारिश सा पड़ा रहेगा,
हमारे सीने में नश्तर सा चुभता रहेगा।।

कोट
- तीन बार ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय नाट्य समारोहों का आयोजन करा चुका हूं। बाहर से आने वाले कलाकार भी श्रीनगर तथा चौरास के मिले-जुले स्वरूप को विकास का पर्याय मानते हैं। पुल न होने से कलाकारों को बड़ी समस्या झेलनी पड़ती है।
परवेज अहमद

- चौरास में बने ऑडिटोरियम में नाटकों का आयोजन होता है, तो कई दर्शकों के दिल में नाटक देखने की इच्छा मोटर पुल के अभाव में दबी ही रह जाती है। इस समय जो रास्ता चौरास के लिए है, वह रास्ता नहीं, वहां से गुजरने वालों के लिए खतरे का संकेत है।
डा.राकेश भट्ट, शैलनट के पूर्व सचिव
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