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कृषि निदेशालय को लेकर प्रदर्शन, धरना

Pauri

Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
पौड़ी। कृषि निदेशालय पौड़ी में स्थापित करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने काफी देर तक धरना भी दिया। इस दौरान सरकार से कृषि निदेशालय को हर हाल में पौड़ी में स्थापित करने की मांग की गई। लोगों ने कहा कि 28 नवंबर की कैबिनेट इस संबंध में निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।
नागरिक संघर्ष समिति की अगुवाई में काफी संख्या में लोगों ने कलक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित स्व एचएन बहुगुणा की मूर्ति के समक्ष धरना दिया। इस मौके पर राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पृथ्वी पाल सिंह चौहान, नागरिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश बिष्ट, देवानंद नौटियाल, डा युद्धवीर रावत, भगवान वर्मा, व्यापार संघ अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत, देवेंद्र सिंह भंडारी, ठाकुर सिंह नेगी समेत कई लोगों ने कहा कि कृषि निदेशालय पौड़ी के हिस्से का है। राज्य बनने के बाद इस शहर की हो रही उपेक्षा की भरपाई हेतु पूर्व में सरकारों द्वारा कृषि निदेशालय को यहां खोलने का फैसला भी लिया गया है। वर्ष 2005 में इसका शासनादेश भी जारी किया जा चुका है। धरना देने वालों में पूर्व पालिका अध्यक्ष गणेश नेगी, सभासद संगीता रावत, कमला रावत, धर्मवीर रावत, पदमेंद्र नेगी, कैलाश कुकरेती, शैलेंद्र रावत, सुरेंद्र सिंह कठैत, सर्वेश कुकरेती, उमाचरण बड़थ्वाल, सतीश बहुगुणा, दिनेश बिष्ट, गणेश नैथानी, दयानंद भट्ट, ललिता प्रसाद समेत कई लोग मौजूद थे।



लोगों के तर्क-क्यों चाहिए निदेशालय
-राज्य बनने के बाद कई मंडलीय कार्यालयों के टूटने से पौड़ी शहर में छाए सूनेपन को दूर करने के लिए कृषि निदेशालय को पौड़ी स्थापित करने की स्वीकृत हुई है। 2005 में तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार द्वारा कृषि निदेशालय पौड़ी में खोलने का शासनादेश भी जारी किया गया है।
-राज्य बनने के बाद जब विभिन्न विभागों के निदेशालयों को जगह-जगह खोलने हेतु कार्रवाई की गई। तब कृषि निदेशालय को पौड़ी के लिए रखा गया था। कृषि निदेशालय हेतु पौड़ी में भवन बना हुआ है।
-राज्य आंदोलन की शुरूआत पौड़ी से हुई थी। राज्य निर्माण में इस शहर का अहम योगदान रहा है। राज्य बनने के बाद पौड़ी की सर्वाधिक उपेक्षा हुई है। इस उपेक्षा को दूर करने के लिए लोगों द्वारा कृषि निदेशालय पौड़ी में स्थापित करने हेतु आंदोलन भी किया जा चुका है।
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