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जलते रहे घर, सोता रहा सरकारी सिस्टम

Pauri

Updated Thu, 18 Oct 2012 12:00 PM IST
पौड़ी। मंडल मुख्यालय में सुबह सवेरे आग की घटना ने छह परिवारों का चैन छीन लिया। शहर के लोग जल्दी उठकर घटनास्थल पर पहुंच गए, मगर सरकारी सिस्टम सोता रहा। पौन घंटा देरी से फायर बिग्रेड पहुंची, तब तक सारा नुकसान हो चुका था। अनुमान है कि इस घटना से तीस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जिस भवन में आग लगी, उसमें किराये पर छह परिवार रहते थे। घटना के बाद यह लोग सड़क पर आ गए हैं। लोगों ने तात्कालिक तौर पर इनके रहने की व्यवस्था तो कर दी है, मगर यह कहां रहेंगे, कैसे अपना घर फिर से बसाएंगे, यह सब बडे़ सवाल सामने खडे़ हैं। आग लगने का कारण शॉट सर्किट को बताया जा रहा है।
पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर कोतवाली के ठीक ऊपर सुबह करीब साढ़े छह बजे आनंद सिंह नेगी के आवासीय भवन में आग लग गई। इसमें छह परिवार किराए पर रहते हैं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घरों में रखे चार रसोई गैस के सिलेंडर भी एक-एक कर फट गए। इससे आग और भड़क गई। अगिभनकांड में हेमंत नवानी, जमीर अहमद, नरेंद्र सिंह, घनश्याम, कदीर व माया जोशी के घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। गनीमत यह रही कि किरायेदार परिवार सहित सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। पौन घंटा देरी से पहुंची फायर बिग्रेड प्रभावी एक्शन नहीं कर पाई। कारण पर्याप्त पानी न होना रहा। आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रभावितों का अधिकांश सामान जल कर राख हो गया। बड़ी मुश्किल से कुछ लोगों ने थोड़ा बहुत सामान बचाया।

चुस्त होती मशीनरी, तो कम होता नुकसान
पौड़ी। आग की घटना ने सरकारी मशीनरी की सुस्ती, लापरवाही दोनों को उजागर किया है। मशीनरी चुस्त होती, तो नुकसान के असर को कम किया जा सकता था। प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते फायर सर्विस को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया। जल संस्थान के अधिकारियों को भी लोग फोन खटखटाते रहे, लेकिन विभाग काफी देर में हरकत में आया। शहरवासियों के मुताबिक प्रभावितों की मदद के लिए अन्य मुहल्लों में पानी बंद करना चाहिए था।

‘अगिभनकांड से हुए नुकसान का अभी ठीक से आंकलन के लिए जानकारी जुटाई जा रही है। फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची इस जनता में रोष स्वाभाविक है। इस के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रभावितों को राहत के पूरे प्रयास किए गए हैं।’
ज्योति खैरवाल, एसडीएम सदर,



चालक के भरोसे चल रहा महकमा
ढाई महीने पहले ट्रांसफर हुए अग्निशमन अधिकारी जगह किसी की तैनाती नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
पौड़ी। कमिशभनरी मुख्यालय में अगिभनशमन विभाग का हाल देखिए। विभाग एक चालक के भरोसे चल रहा है। अधिकारियों के सभी पद रिक्त होने के कारण यहां चालक को प्रभारी अगिभनशमन अधिकारी बनाया गया है। ऐसे में व्यवस्था कैसी चल रही होगी, इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।
पौड़ी में स्थापित अगिभनशमन इकाई के पास लंबे चौड़े क्षेत्र में होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाने की जिम्मेदारी है। पौड़ी, श्रीनगर के अलावा कोट, कल्जीखाल, थलीसैण, खिर्सू ब्लाक इसके अंतर्गत आते हैं। बड़ी जिम्मेदारी होने के कारण इस इकाई में मुख्य अगिभन शमन अधिकारी, अगिभन समन अधिकारी, सहायक अगिभनशमन अधिकारी के एक-एक, लीडिंग फायर मैन के तीन, चालक के छह और फायर मैन के 26 पद स्वीकृत है। वर्तमान में यहां मुख्य अगिभनशमन अधिकारी, अगिभनसमन अधिकारी, सहायक अगिभन शमन अधिकारी के पदाें के अलावा लीडिंग फायर मैन के दो, चालक के पांच पद रिक्त चल रहे हैं। अगिभनशमन अधिकारी का ढाई महीने पहले यहां से तबादला हो गया था। तब से अगिभनशमन अधिकारी का कार्यभार विभाग में कार्यरत एकमात्र चालक सभाले हुए हैं। अभी तक शासन स्तर से यहां अगिभनशमन अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई है।

‘पौड़ी अगिभन शमन इकाई में तैनात अग्निशमन अधिकारी का कुछ माह पहले तबादला हो गया था। फिलहाल उक्त कार्यालय में जो सबसे सीनियर हैं, उसे अगिभनशमन अधिकारी का प्रभार दिया गया है।’ विमला गुंज्याल, पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल



कैसे पीले हाेंगे बहन के हाथ
पौड़ी। शहर में हुए अगिभनकांड के प्रभावित हुए हरेंद्र नवानी के मुताबिक 24 अक्तूबर को बहन की शादी तय है। सारी तैयारी पूरी हो चुकी थी। आग में सारा सामान जलकर राख हो गया। सोने के गहनों समेत करीब सात लाख का नुकसान हो गया है। अब किस तरह सब कुछ होगा, समझ में नहीं आ रहा है।

सड़क पर आ गए प्रभावित
पौड़ी। अगिभनकांड के प्रभावित जमीर अहमद के मुताबिक उसका दो लाख का सामान स्वाह हो गया है, जबकि नरेंद्र सिंह का तीन लाख, घनश्याम का पांच लाख, कदीर का दो लाख तथा माया जोशी का करीब तीन लाख का नुकसान आंका गया है।

सहयोग को पहुंचे जन प्रतिनिधि
पौड़ी। पूर्व विधायक यशपाल बेनाम ने मौके पर पहुंचकर सहयोग कर जिला प्रशासन से बेघर हुए प्रभावितों को ठहरने की व्यवस्था कराई। विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल प्रभावितों की मदद के लिए शासन स्तर पर प्रयास करने का भरोसा दिया।
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