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कहीं फर्जीवाड़ा, कहीं बदहाली, कहां जाएं छात्र

Pauri

Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। सीवी रमन इंस्टीट्यूट के छात्रों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को छात्रों ने पदमपुर से तहसील तक मौन जुलूस निकाला। साथ ही एसडीएम को ज्ञापन देकर इस मामले में पुलिस पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया। छात्र तहसील में ही धरने पर डटे हैं। इससे पहले, देर रात पुलिस ने इंस्टीट्यूट प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
मौन जुलूस के बाद तहसील पहुंचे छात्रों ने सभा का आयोजन किया। इसमें छात्रों ने इंस्टीट्यूट के प्रबंधक और प्रिंसिपल को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही धरना और जुलूस का कार्यक्रम रोजाना आयोजित करने का निर्णय लिया। एसडीएम को दिए ज्ञापन में छात्रों ने कहा है कि बृहस्पतिवार देर रात को एक पुलिस कर्मी ने छात्रों को धमकाया। सड़क किनारे यह कहकर धमकी दी कि बैठकबाजी मत करो, जेल में डाल दिए जाओगे। दूसरी तरफ, इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने छात्रों को हास्टल खाली करने को कह दिया है। इतना ही नहीं हास्टल में ताला भी लगा दिया गया है।


एसडीएम ही करेंगे जांच
-सीवी रमन इंस्टीट्यूट के मामले की जांच एसडीएम करेंगे। एसडीएम अनिल गर्ब्याल ने बताया कि जिन-जिन संस्थानों से इंस्टीट्यूट के संबद्घता की बात की जा रही है, वहां जाकर सचाई का पता लगाया जाएगा।

छात्र संघ आया साथ
-आंदोेलित छात्रों को महाविद्यालय के छात्र संघ ने अपना समर्थन दिया है। साथ ही पूर्व छात्र नेताओं ने भी इन्हें समर्थन देने का ऐलान किया है। छात्र संघ और पूर्व छात्र नेताओं ने बैठक कर छात्रों को हर संभव मदद देने की बात कही। बैठक में छात्र संघ अध्यक्ष सूरज राणा, पूर्व अध्यक्ष राजीव पटवाल, विजय रावत, संजू रावत और शुभम शर्मा आदि मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती ने की।


आई कार्ड में गलती से छपे हैं पते
-सीवी रमन इंस्टीट्यूट के चीफ एक्जीक्यूटिव अनिल परिहार ने स्पष्ट किया है कि कुछ आई कार्ड में छपे पते त्रुटि का नतीजा है। परिहार की ओर से जारी प्रेस नोट में इंस्टीट्यूट के एफिलिएशन को पूर्ण रूप से सही ठहराया गया है। साथ ही सभी कोर्सों को भी सही बताया है। वहीं इसमें छात्रों से हास्टल को तत्काल खाली करने को कहा गया है। हास्टल खाली करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया है।




फोटो---

किस काम के ये प्रोफेशनल कोर्स
राजकीय महाविद्यालय में एक-दो को छोड़कर अन्य की नहीं हो रही पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। राजकीय महाविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के नाम पर सिर्फ खानापूरी हो रही है। जो कोर्स अधिक चलन में हैं, वह यहां पर एक दो ही हैं। बाकियों का छात्र-छात्राओं को नाम तक पता नहीं है। कालेज में संचालित होने वाले यह व्यावसायिक पाठ्यक्रम पिछले कई सालों से बंद पड़े हैं। इस ओर न तो कालेज प्रशासन रुचि ले रहा है और न ही छात्रों का इसमें रुझान हैं। राजकीय महाविद्यालय में छात्र संख्या काफी है। लेकिन यहां पर अधिकांश छात्र-छात्राएं सामान्य पाठ्यक्रमों में ही दाखिला लेते हैं। बीए, बीएससी, एमए, एमएससी बीकाम आदि की कक्षाएं छात्र-छात्राओं से भरी पड़ी हैं, लेकिन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर कोई झांकने को तैयार नहीं है।

एक दो साल चलने के बाद बंद हो गए
-यहां पर जो व्यावसायिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं वह सभी पांच साल पहले कालेज में आ चुके थे। कोई दो साल तो कोई एक साल चला। विवि प्रशासन की ओर से भी इन कोर्सों के प्रति अधिक ध्यान नहीं दिया गया। न तो उनकी परीक्षाएं समय पर कराई और न ही उनके परिणाम समय पर दिए गए। इससे उनको इस कोर्स के लिए अलग से इंतजार करना पड़ता था।

पाठ्यक्रम, जो बंद हैं
-डिप्लोमा इन नर्सरी एंड आरचर्ड मैनेजमैंट
-डिप्लोमा इन फॉरस्ट्री एंड वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट
-डिप्लोमा इन फंक्शनल अंग्रेजी
-डिप्लोमा इन चाइल्ड केयर एंड एजुकेशन
पाठ्यक्रम, जो चल रहे हैं
-स्ववित्त पोषित बीएड कोर्स
-बायोटेक्नोलोजी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम
-पीजीडीएपीआर

क्या कहना है छात्रों का
-व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के बारे में छात्रों को जानकारी ही नहीं होती है। इस लिए छात्रों का भी ज्यादा रुझान नहीं रहता है। -संदीप द्विवेदी, बीए तृतीय
-व्यवसायिक पाठ्यक्रम के बारे में कालेज की ओर से नहीं बताया जाता है। यहां जो कोर्स हैं, उनमें अधिकांश का स्कोप नहीं है। -मंदीप पटवाल, बीएससी तृतीय
-अधिकांश कोर्सों में दस छात्रों तक दाखिले की अनिवार्यता होती है। यदि कोई इस कोर्स को करना चाहे तो पहले उसको अपने साथ दस और छात्रों को तैयार करना होगा। इसलिए भी कोई इनमें नहीं जाना चाहता है।
-नीरज गौनियाल, एमएससी तृतीय
कोट--
-कालेज में दो व्यावसायिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। अन्य में दाखिले नहीं होने से वह बंद पड़े हैं। भविष्य में व्यावसायिक कोर्सों को बढ़ाने की योजना है। एमएससी बायोटेक के लिए कालेज की ओर से आवेदन किया गया है। एमबीए भी लाने की योजना है।
-डा. कुमकुम रौतेला, प्राचार्य डिग्री कालेज कोटद्वार
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