आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

आधी आबादी की चिंता बस एक दिन

Pauri

Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
पौड़ी। बालिका और महिला दिवस आते और चले जाते हैं। बड़े-बड़े मंचों से आधी आबादी की चिंता में बड़े-बड़े भाषण होते हैं, लेकिन दिन और आयोजन बीतते ही यह चिंता हवा हो जाती है। लिंगानुपात के बिगड़ते आंकड़े इस बात को साबित करते हैं। पौड़ी की ही बात करें तो राज्य बनने के बाद ऐसा कोई वर्ष नहीं रहा जब पैदा होते वाली बालिकाओं की संख्या बालकों से अधिक रही हो। कमोवेश यही हाल पूरे प्रदेश का है।
इस स्थिति में सुधार के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सब बेअसर ही रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पौड़ी जिले में वर्ष 2001 से अब तक हर साल जन्म लेने वाले शिशुओं में बालकों की संख्या बालिकाओं की अपेक्षा पांच सौ से लेकर 12 सौ तक अधिक है। जिले में वर्ष 2001 से अब तक जन्म लेने वाले शिशुओं में 65556 बालक है तो बालिकाओं की संख्या 56105 ही है।

पौड़ी जिले की स्थिति
वर्ष बालक बालिकाएं
2008 6164 5633
2009 6876 6289
2010 6079 5533
2011 6419 5754
2012 अगस्त तक 2028 1828

एक दशक में 28 महिलाएं हुई कम
पौड़ी। गढ़वाल मंडल में एक हजार पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या घटकर 892 रह गई है। 2001 में यह संख्या 920 थी। अन्य पर्वतीय जिलों में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। इन जिलों में एक हजार पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या 25 से 54 तक कम हुई।

पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या का ब्यौरा
जनपद 2001 की जनगणना 2011 की जनगणना
पौड़ी 930 899
चमोली 935 889
उत्तरकाशी 942 915
रुद्रप्रयाग 953 899
टिहरी 927 888
देहरादून 894 899
हरिद्वार 862 869

प्रदेश में लिंगानुपात गड़बड़ाने के मुख्य कारण
-कन्या भ्रूण हत्या पर पूरी तरह अंकुश न लग पाना
-लोगों में जागरूकता की कमी, सरकारी प्रयास बेअसर
-समाज के कई तबकों में रूढ़ीवादी सोच अब भी कायम
-कन्याओं के लिए संचालित योजनाओं का प्रचार न होना

जिले में हर साल जन्म लेने वाले शिशुओं में बालकों की अपेक्षा बालिकाओं की संख्या कम है। लेकिन धीरे धीरे इसमें सुधार हो रहा है। पहले यह अंतर हमेशा आठ सौ से अधिक रहता था। लेकिन चार सालों से पांच सौ से 650 के बीच बना हुआ है। इसे और कम करने के प्रयास जारी हैं।-डा एके सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, पौड़ी गढ़वाल
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

यहां हुआ अनोखे बच्चे का जन्म, गांव वालों का डर 'कहीं ये एलियन तो नहीं'

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कोहली और KRK पीते हैं ऐसा खास पानी, एक बॉटल की कीमत 65 लाख रुपये

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कहीं गलत तरह से शैम्पू करने से तो नहीं झड़ रहे आपके बाल, ये है सही तरीका

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

मसाज करवाकर हल्का महसूस कर रहा था शख्स, घर पहुंचते हो गया पैरालिसिस

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

यहां खुद कार चलाकर ऑपरेशन थियेटर में जाते हैं बच्चे

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का आदेश जारी, अभी करना होगा इंतजार

Arrears of seventh pay commission will be paid from December
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

लाल किले के पास सेल्फी लेते-लेते ही चोरी हो गया यूक्रेन के राजदूत का मोबाइल

 Ukraine ambassador to India Igor Polikha's cellphone stolen while taking selfie near Red Fort
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न हत्याकांडः रायन स्कूल के मालिकों को पुलिस ने भेजा समन, 26 को पूछताछ

pradyuman murder: gurugram police summons pinto family for interrogation and all updates in the case
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

J&K: त्राल में पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला, 2 की मौत, 7 जवानों समेत 31 घायल

grenade attack on central reserve police force at bus stand in pulwama district tral
  • गुरुवार, 21 सितंबर 2017
  • +

सपा में विवाद जारी: लोहिया ट्रस्ट से रामगोपाल हुए बेदखल, शिवपाल बने सचिव

lohia trust meeting held today in lucknow
  • गुरुवार, 21 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!