आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

रच्चू’ के बिना डोली में कैसे बैठेगी रश्मि

Pauri

Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
दुगड्डा। आमसौड़ में बीरेंद्र सिंह का परिवार किसी शरणार्थी की तरह रह रहा है। झवाणसार का अपना घर फिलहाल छोड़ दिया है। छोटी बेटी रचना की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। चुनौती रचना की मौत के बाद और बढ़ गई है। दो महीने बाद रचना की बड़ी बहन रश्मि की बारात आनी है। इस मन:स्थिति में शादी की तैयारी हो भी तो कैसे। रचना को इंसाफ दिलाने के संघर्ष से भी यह परिवार पीछे नहीं हटना चाहता है। शादी तो होगी, मगर रचना के बगैर कैसे सब कुछ होगा, यह सोचकर पूरा परिवार उदास हो जाता है। बड़ी बहन रश्मि समझ नहीं पा रही है कि अपनी प्यारी छोटी बहन ‘रच्चू’ के बगैर वह कैसे डोली में चढ़ पाएगी।
झवाणसार के गरीब परिवार की बेटी रचना की जिस परिस्थिति में मौत हुई है, उससे पूरा गांव स्तब्ध है। बैठकों और आंदोलनों का दौर जारी है। ग्रामीण कंधे से कंधा मिलाकर इंसाफ के लिए संघर्षरत है। झवाणसार से एकदम सटे आमसौड़ गांव में पूरा परिवार किराये के मकान में रह रहा है। परिवार का मुखिया बीरेंद्र सिंह इस कदर टूट चुका है, कि कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। मेहनत मजदूरी करके किसी तरह दाल रोटी अब चल रही थी, मगर मासूम बच्ची की मौत ने सब कुछ छीन लिया। रचना की मां गुड्डी देवी काटल के प्राथमिक विद्यालय में भोजन माता है। वहां से जो भी पैसा मिलता है, उसी से घर का खर्चा चल रहा है। झवाणसार गांव से आमसौड़ शिफ्ट होने के बाद विद्यालय जाने की दूरी दो किमी तक हो गई है। हर दिन विद्यालय आने जाने की दिक्कतें हो रही है। रचना के मां और पिता बेटी के लिए इंसाफ चाहते हैं। बहुत कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है, मगर उनके चेहरे के भाव बताते हैं कि बेटी तो खो दी, मगर उसकी हत्या का मामला यूं ही दबा न रह जाए। दोषियों को कड़ी सजा मिले।
रचना की बड़ी बहन रश्मि के अनुसार, रच्चू पढ़ाई में सामान्य थी। घर में भी वह किसी से अधिक बातें नहीं करती थी। कुछ समय से वह गुमसुम रहने लगी थी। मगर कोई नहीं भांप पाया कि उसके साथ कैसी अनहोनी होने वाली है। कोटद्वार में रहने वाले रचना के चाचा नरेंद्र सिंह को इस बात का अफसोस है कि नौ अगस्त को क्यों उसने रचना को अकेले ही जाने दिया। उन्हें भी उसके साथ उस दिन गांव जाना था, लेकिन व्यस्तता के कारण कार्यक्रम टाल दिया था। इसके बाद ही रचना गायब हो गई थी और 13 अगस्त को उसका शव जंगल से बरामद किया गया था।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इस तरह से रहना पसंद करते हैं नए नवेले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बारिश में कपल्स को रोमांस करते देख क्या सोचती हैं ‘सिंगल लड़कियां’

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

शाहरुख को सुपरस्टार बना खुद गुमनाम हो गया था ये एक्टर, 12 साल बाद सलमान की फिल्म से की वापसी

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बिग बॉस ने इस 'जल्लाद' को बनाया था स्टार, पॉपुलर होने के बावजूद कर रहा ये काम

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून फ्लोरल रंग में रंगी नजर आईं प्रियंका चोपड़ा

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

Most Read

यूपी: पेपर लीक गैंग ने लगाई दरोगा भर्ती में सेंध, पूरी परीक्षा रद्द

up police recruitment entire process cancel
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बुरे वक्त से निपटने के लिए लालू ने बनाया प्लान B, माया-मांझी का लेंगे सहारा!

RJD leader Lalu Prasad prepares plans alternate pact with Mayawati and Manjhi
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

अलगाववादियों को भारत सरकार से भी मिल चुके हैं पैसे: फारूक अब्दुल्ला

GOI too gave funds to separatists says farook abdullah
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अड़े कर्मियों ने घेरा सचिवालय, सरकार को अल्टीमेटम

Employees Protest Over Old Pension Issue at Shimla.
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!