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परियोजना का भविष्य उपसमिति की रिपोर्ट पर

Pauri

Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। अलकनंदा पर बन रही 330 मेगावाट जल विद्युत परियोजना का निरीक्षण करने गंगा बेसिन अथॉरिटी की उप समिति की पांच सदस्यीय टीम आज यहां पहुंची। यहां पहुंचकर टीम के सदस्यों ने सबसे पहले श्रीनगर परियोजना के पावर हाउस का निरीक्षण किया। दो दिनी दौरे के तहत टीम शनिवार दोपहर बाद तक निरीक्षण कर लौटेगी। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का भविष्य उपसमिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
देश भर में गंगा नदी पर बन रही जल विद्युत परियोजनाओं का भविष्य तय करने के लिए तैयार की गई गंगा बेसिन अथॉरिटी की 15 सदस्यीय उपसमिति के पांच सदस्यों की टीम शुक्रवार को परियोजना के कार्यों का तकनीकी आंकलन करने यहां पहुंची। सायं साढ़े चार बजे पहुंची टीम का नेतृत्व कर रहे सेंट्रल वाटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष एसपी कागरन ने कहा कि टीम के सदस्य सरकार के समक्ष निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसमें परियोजना से होने वाले नुकसान तथा लाभों का ब्योरा होगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जानी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि धारी देवी परिसर, बैराज क्षेत्र तथा कंपनी द्वारा किए गए अन्य सभी कार्यों का तकनीकी स्तर पर जायजा लेने के लिए टीम यहां पहुंची है। जो पूरी तरह निष्पक्ष रिपोर्ट सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगी। टीम में सेंटर इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए)के सदस्य आलोक गुप्ता, सीडब्ल्यूसी के निदेशक डिजाइन एंड इंजीनियर प्रमोद नारायण, सीईए सदस्य मनोज सिकदर,सीडब्ल्यूसी के सीई डिजाइन एसकेजी पंडित शामिल हैं।

प्रभावितों ने कहा- हर हाल में बने परियोजना
अलकनंदा पर बन रही श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों ने सर्वे के लिए पहुंची पांच सदस्यीय टीम के समक्ष अपनी समस्याएं सुनाई। टीम प्रमुख सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष एसपी कागरन ने परियोजना प्रभावितों से लिखित रूप में अपनी आपत्तियां, समस्याएं तथा परियोजना के संदर्भ में अपनी भावना प्रस्तुत करने को कहा। जिसे प्रभावितों ने स्वीकार कर लिया। परियोजना प्रभावितों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि परियोजना को यदि बार-बार रोका जा रहा है, तो इसके पीछे कोई तकनीकी कारण होगा। स्वयं इस राज्य के मुख्यमंत्री ने डेढ़ वर्ष पूर्व परियोजना पर रोक लगाई। रोक संबंधी कागज भारत सरकार के पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय सरकार को लेना है, लेकिन समिति हर हाल में निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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