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बिजली विभाग के खंभों से अब उसी को खतरा

Nainital

Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
हल्द्वानी। घड़ी की टिक-टिक, 24 दिसंबर का काउंटडाउन और काठगोदाम से हल्द्वानी तक राष्ट्रीय राजमार्ग में आने वाले बिजली के दर्जनों खंभे, ट्रांसफार्मर अब बिजली विभाग के लिए ही खतरा बनने वाले हैं। पैसे की कमी का रोना रोकर दो सरकारी विभागों ने इन पोलों को सालों से सड़क के बीच फंसा रखा है। अब उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पोल हटाने की तिथि तय कर दी है।
हल्द्वानी-काठगोदाम नेशनल हाइवे में जगह-जगह बिजली की एचटी, एलटी लाइनों के बड़े खंभे खड़े हैं। ये खंभे कहीं-कहीं तो राजमार्ग के बीचोंबीच हैं। दिन तो दिन रात में दुर्घटना का खतरा ज्यादा रहता है। इन पोलों और ऐसे ट्रांसफार्मर जो राजमार्ग को छूते हैं उनकी शिफ्टिंग के लिए यूपीसीएल ने कुछ वर्ष पूर्व नेशनल हाइवे खंड से पैसा मांगा था। एक करोड़ 21 लाख का इस्टीमेट एनएच के पास आया तो बदले में सिर्फ 30 लाख यूपीसीएल को दिए गए। इस रकम से विभाग सिर्फ 19 बड़े पोल और पांच नग ट्रांसफार्मरों को एनएच से हटा पाया। जो 91 लाख रुपये की धनराशि अवशेष है, वह दो वर्ष से नहीं मिली है।
दुबारा पत्राचार के बाद एनएच खंड ने शासन को बिजली विभाग का इस्टीमेट भेजा। शासन में फाइल अभी तक लंबित है। सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों को हर वक्त खतरे की तरफ खींचते इन पोलों का मामला एक जनहित याचिका के जरिए हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत में याचिका पर गंभीरता दिखी। अब कोर्ट ने आने वाले 24 दिसंबर तक इन्हें हटाने के निर्देश दे रखे हैं। अब सात दिन में न्यायालय के आदेश का पालन करना है। जबकि अभी राजमार्ग में कितने पोल हटाने हैं, इसकी गिनती तक नहीं हुई है।



अधिशासी अभियंताओं का कहना
एनएच खंड के अधिशासी अभियंता ओमप्रकाश का कहना है कि विभाग के पास 30 लाख की बैलेंस धनराशि यूपीसीएल को दे दी गई थी, लेकिन बिजली विभाग ने खंभों को हटाने के लिए इस्टीमेट अधिक का बनाया। इसीलिए बाकी इस्टीमेट एक साल पूर्व ही शासन को जा चुका है। इधर, यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता नवीन मिश्रा का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर पोल हटाने के आदेश जारी हुए हैं ऐसी जानकारी अभी नहीं मिली है। फिर काम के लिए अवशेष बजट लोनिवि एनएच खंड को देना है।


---इंसेट---
एक बार छिड़ी थी बहस
दो विभागों के बीच बजट को लेकर एक बार बहस भी छिड़ गई थी। क्योंकि यूपीसीएल ने जिस बजट का इस्टीमेट बनाया था, उतना पैसा देने को एनएच खंड राजी नहीं हुआ। तब कुमाऊं के तत्कालीन कमिश्नर एस राजू की मध्यस्थता के बाद फाइल अंत में शासन में गई। एनएच खंड ने रोडवेज बस स्टेशन से नरीमन चौराहे तक 155 पोल, 20 ट्रांसफार्मर चिन्हित किए हैं। जबकि इस आंकड़े पर यकीन करें तो यूपीसीएल सिर्फ 19 पोल, पांच नग ट्रांसफार्मर हटा सका है।
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