आपका शहर Close

हजारों के दर्द की दवा है एक कुंदन

Nainital

Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। कितने लोग हैं जो अपने नाम को सार्थक करते हैं? गिनेचुने। कुंदन सोने की तरह चमकता है। ठीक उसी तरह डा. कुंदन कुमार पहाड़ पर जीवन की एक किरण की तरह चमकते हैं। डा. कुंदन बाकी लोगों के लिए एक चिकित्सक होंगे, मगर पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट तहसील के एक लाख लोगों के लिए ये नाम किसी भगवान से कम नहीं है। कहां बिहार और कहां गंगोलीहाट। जब डाक्टरी पेशे के बूते कुंदन समाजसेवा को निकले तो कभी सपने में भी पहाड़ नहीं देखा पर आज वे पहाड़ के हैं। वही पहाड़ जिसका नाम सुनकर उत्तराखंड राज्य के डॉक्टरों को दौरे पड़ने लगते हैं, उसी की कठोरता में खुद को ढाल सात वर्ष से पहाड़ की सेहत के रखवाले हैं डा. कुंदन।
बिहार के समस्तीपुर जिले में डा. कुंदन का घर है। वर्ष 2000 में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी होने और अगले पांच साल सफदरजंग अस्पताल में हाउस जॉब करने के बाद वर्ष 2005 में उन्हें पहली नियुक्ति उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ में मिली। जब मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) दफ्तर पहुंचे तो पता चला कि 12 किलोमीटर की पैदल दूरी पर बसे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौरपाल जाना है। गंगोलीहाट में बेलपट्टी क्षेत्र का चौरपाल सबसे दुर्गम इलाका है। बतौर संविदा पहली नियुक्ति इस दुर्गम इलाके में होना कुंदन के लिए चुनौती थी लेकिन वो बिना संकोच गांव गए। वहां लोगों के साथ उनकी तरह जीये और भावनात्मक रूप से ऐसे जुड़े कि बस चौरपाल को ही अपना घर मान लिया।
नवंबर 2007 में जब कुंदन स्थाई हुए और उनका तबादला चौरपाल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती हुआ तो सुदूरवर्ती गांव में जनविरोध भड़का था। जनता की सिर्फ यही मांग थी कि हमें कुंदन का प्रतिस्थानी नहीं, सिर्फ कुंदन चाहिए लेकिन सरकारी फरमान के आगे सबको झुकना पड़ा।। लिहाजा फिर जैंती में कुंदन ने सेवा शुरू की। सिर्फ दस माह ही वह जैंती टिके और फिर वापस शासन ने तबादला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट कर दिया। आज गंगोलीहाट का ये अस्पताल डा. कुंदन के सहारे चलता है। डा. कुंदन के हाथों में एक लाख लोगों की सेहत है। रोजाना 100 से 200 मरीजों को देखते हैं और साल में 50 हजार। वह कहते हैं कि बिहार मेरा जन्म स्थान है लेकिन पहाड़ से अब अलग नहीं हो सकता। 37 वर्ष के डा. कुंदन का अपने मरीजों से इंसानियत का भी रिश्ता है। वह कभी घर जाएं तो रोज अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की तस्वीर सताती है। ठीक वैसे ही जैसे पहाड़ से पलायन कर गए बेटों को अपने मां-बाप याद आते हैं। अब उनकी तमन्ना भी यही है कि जब तक नौकरी करूं, पहाड़ के लिए समर्पित रहूं।

इनसेट
म्यर घर चौरपाल छु
सात साल में कुंदन कुमाऊंनी भाषा बोलने में दक्ष तो नहीं हुए लेकिन समझते बखूबी हैं। यदि कोई उनसे सवाल करे कि आपका घर कहां है तो जवाब मिलेगा ‘म्यर घर चौरपाल छू’। इतना छोटा वाक्य बोलना भी उन्होंने गांव से ही सीखा है। गांव के जीवन, संस्कृति, सभ्यता के साथ पहली नियुक्ति चौरपाल में होने से ही कुंदन इस गांव को अपना घर मानते हैं। वह अब भी प्रतिमाह एक बार गांव जाते हैं।
इनसेट
घर का एक बार चक्कर
डा. कुंदन कुमार के पिता सुरेंद्र प्रसाद आरबी डिग्री कालेज समस्तीपुर में भूगोल के विभागाध्यक्ष, माता शांति इंटर कालेज में गृह विज्ञान की शिक्षिका हैं। पत्नी प्रियंका दिल्ली में नौकरी करती हैं। साल या छह माह में एक बार कुंदन अपने परिजनों से मिलने जाते हैं और बाकी जीवन पहाड़ में बीतता है।
Comments

Browse By Tags

pain medicine

स्पॉटलाइट

बेगम करीना छोटे नवाब को पहनाती हैं लाखों के कपड़े, जरा इस डंगरी की कीमत भी जान लें

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: फिजिकल होने के बारे में प्रियांक ने किया बड़ा खुलासा, बेनाफशा का झूठ आ गया सामने

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Photos: शादी के दिन महारानी से कम नहीं लग रही थीं शिल्पा, राज ने गिफ्ट किया था 50 करोड़ का बंगला

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

ऋषि कपूर ने पर्सनल मैसेज कर महिला से की बदतमीजी, यूजर ने कहा- 'पहले खुद की औकात देखो'

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

पुनीश-बंदगी ने पार की सारी हदें, अब रात 10.30 बजे से नहीं आएगा बिग बॉस

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Most Read

बिहार: तेज प्रताप ने सुशील मोदी को दी घर में घुसकर मारने की धमकी, वीडियो वायरल

RJD leader Tej Pratap Yadav threatens to kill deputy chief minister of bihar Sushil Modi in house
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

अगर आपके पास ये चीजें हैं तो नहीं मिलेगा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

If you have these things, you will not get benefit of Prime Minister housing scheme
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

पद्मावती विवाद पर आसाराम ने खोला मुंह, जानिए क्या कहा

Asaram's statement on Padmavati controversy
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

बसपा प्रत्याशी का आरोप- हाथी का बटन दबाने पर जली कमल की लाइट

Accused of BSP candidate- burning of the elephant button on the light lotus
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

 अभिनेता राजपाल की बेटी को आज ब्याहने जाएंगे संदीप, ये होंगी खास बातें

Sandeep will go to marry Rajpal's daughter
  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!