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गैस एजेंसियां उड़ा रही नियमों की धज्जियां

Haridwar

Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
हरिद्वार। आम आदमी को गैस सिलेंडर के लिए नियम-कायदों का पाठ पढ़ाने वाली गैस एजेंसियां खुद नियम-कानून की धज्जियां उड़ा रही हैं। स्थिति यह है कि शहर और आसपास की नौ एजेंसियों में से महज तीन के पास ही अग्निशमन विभाग की फायर एनओसी है। शेष छह बिना एनओसी के अपना कारोबार कर रही हैं।
एजेंसियों के गैस गोदाम काफी संवेदनशील होते हैं। जरा सी चूक से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में इनके गोदामों में अग्निसुरक्षा के व्यापक इंतजाम करना बेहद जरूरी होता है। इसी को देखते हुए यह जरूरी किया गया है कि एजेंसी लेने के साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर फायर एनओसी ली जाए। किन-किन एजेंसियों ने अग्निसुरक्षा के इंतजाम कर फायर एनओसी ली समेत अन्य बिंदुओं पर शहर निवासी विपिन कुमार ने सूचना का अधिकार कानून के तहत अग्निशमन विभाग हरिद्वार से जानकारी मांगी। 20 सितंबर 2012 को भेजे जवाब में अग्निशमन विभाग ने बताया कि मायापुर स्थित फायर स्टेशन के तहत हरिद्वार और आसपास के क्षेत्र में नौ गैस एजेंसियां हैं। जिनमें से सिर्फ तीन के पास एनओसी है। छह ने अब तक भी एनओसी नहीं ली। जानकारी में यह भी बताया गया कि इनके खिलाफ एनओसी लिए जाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। सवाल उठ रहा है कि एनओसी न होने के बावजूद यह एजेंसियां क्यों चल रही हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने अभी तक भी कार्रवाई क्यों नहीं की।

इनसेट
इनके पास नहीं फायर एनओसी
- भक्त गैस एजेंसी, ऋषिकुल
- दीपिका इंडेन गैस एजेंसी, भूपतवाला
- पुष्पक गैस सर्विस, सिंहद्वार कनखल
- राणा गैस सर्विस, लालढांग
- गेंदा गैस एजेंसी, बहादराबाद
- बीएचईएल गैस एजेंसी, रानीपुर
(आरटीआई के तहत 20 सितंबर 2012 को दी सूचना के आधार पर)
इनसेट
इनके पास है फायर एनओसी
- सूर्या गैस सर्विस, कनखल
- सिद्धी विनायक गैस सर्विस
- हरिद्वार गैस एजेंसी, कनखल
कोट
जांच कर ही दी जाती है एनओसी
अग्निशमन विभाग एनओसी जारी करने से पहले संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच करता है। इसमें अग्निशमन यंत्र डीसीपी फायर एग्जटिंग्यूशर (10 या 5 किग्रा), सीओटू फायर एग्जटिंग्यूशर, एबीसी फायर एग्जटिंग्यूशर (पांच या दो किग्रा), बकेट रेत/बालू और पानी आदि का इंतजाम करना जरूरी है।

कोट
जिन गैस एजेंसियों के पास फायर एनओसी नहीं है। उन्हें पूर्व में नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी फायर एनओसी नहीं लेने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मधुसूदन शर्मा, सीएफओ हरिद्वार
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