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प्रशासन नाकाम, माफिया पर नहीं लगाम

Haridwar

Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
लक्सर/सुल्तानपुर। लाख कोशिशों के बावजूद पुलिस-प्रशासन खनन माफिया पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। क्षेत्र की तीन नदियों के घाटों से लगातार खनन जारी है। हालांकि खनन का यह खेल दिन में कम अब रात को ज्यादा खेला जा रहा है। लेकिन प्रशासन ने शायद अब मान लिया है कि खनन पर रोक लगाना उनके बस में नहीं है। तभी तो खनन रुकवाने के लिए पिछले एक सप्ताह में प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
क्षेत्र की गंगा, बाण गंगा और सोलानी नदी के घाटों पर प्रतिदिन सैकड़ाें ट्रैक्टर ट्रालियां और ट्रकों से खनन हो रहा है। खनन के खेल से लोगों की निगाहें हटाने के लिए माफिया रात के समय में घाटों से रेत और बजरी खंगाल रहे हैं और सीधे स्टोन क्रशर में डंप कर रहे हैं। इन स्टोन क्रशरों से रात के समय में ही बाहर के लिए ट्रकों से रेत और बजरी सप्लाई किया जा रहा है। पुलिस भी रात के समय गुजरती अवैध खनन की ट्रालियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। बरसात के बाद भले ही नदियों में बड़ी मात्रा में रेत जमा हो गया हो लेकिन खनन के चलते इन नदियों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सोलानी नदी में तो दिन में भी ट्रैक्टर ट्रालियां खनन कर रही हैं। रुड़की-लक्सर के मुख्य मार्ग होने के बावजूद अधिकारियों की निगाह खनन माफिया पर नहीं पड़ रही। यही नहीं एक सप्ताह से प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी खनन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जो अधिकारियों की मंशा पर सवालिया निशान खड़े कर रही है।

स्टोन क्रशर बने अवैध खनन का जरिया
सुल्तानपुर। स्टोन क्रशर किस तरह से अवैध खनन का जरिया बने हैं। इसका अंदाजा भोगपुर क्षेत्र में खनन स्थल के समीप लगाए गए स्टोन क्रशरों से लगता है। घाटों के ठीक पास स्थापित स्टोन क्रशरों में खनन कर स्टॉक किया जा रहा है और पुराना स्टॉक रात को सप्लाई कर दिया जाता है। यह तब है जबकि खनन के संभावित क्षेत्र से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्टोन क्रशर स्थापित किए जाने की अनुमति नहीं है।

अब तो रायल्टी का भी झंझट नहीं
सुल्तानपुर। खनन पर रोक के बावजूद इन दिनों माफिया की चांदी कट रही है। जिस समय निर्धारित घाटों पर खनन की अनुमति थी। उस दौरान माफिया दिखावे के लिए ही सही। रोजाना कुछ न कुछ रायल्टी जमा कराते थे। इससे राजस्व का लाभ भी होता था। लेकिन जब से रोक लगी है तो रायल्टी का झंझट भी खत्म हो गया।
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