आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सोना उगल रही है सूक और मोहंड रोह नदी

Haridwar

Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
रुड़की। बंजारेवाला में सूक और मोहंड रोह नदी खनन माफिया के लिए सोना उगल रही है। लेकिन इसका फायदा भी आम आदमी को नहीं, बल्कि चंद माफिया को ही मिल रहा है। माफिया की कमाई के सामने राज्य सरकार को मिल रहा राजस्व ‘ऊंट के मुंह में जीरे’ के समान है। फिर भी प्रशासन ने आंख मूंद रखी हैं। सोमवार को भी सूक नदी से जेसीबी लगाकर 25 ट्रैक्टर ट्रालियों से खनन किया जा रहा था।
बंजारेवाला क्षेत्र में खनन के सच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में उत्तराखंड के 11 और यूपी के छह स्टोन क्रशर स्थापित हैं। जो बड़ी मात्रा में खनन का धंधा कर रहे हैं। स्टोन क्रशराें पर पहाड़ मानिंद खनन सामग्री स्टॉक की गई है। जो कई सालाें से करोड़ों नहीं अरबों वारे के न्यारे कर चुके हैं। सोमवार को भी अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची तो मोहंड रोह नदी से 25 ट्रैक्टर ट्रालियाें से खनन किया जा रहा था। लेकिन जैसे ही माफिया को टीम के पहुंचने की खबर मिली तो सभी ट्रैक्टर ट्रालियों को एक जगह खड़ा कर दिया गया और जेसीबी मशीन ने भी काम करना बंद कर दिया। आसपास के लोगों की माने तो अकेले मोहंड रोह नदी से रोजाना 500 से ऊपर ट्रैक्टर ट्रालियां नदी की कोख खोदकर खनन कर रही हैं। इस काम पर लगे यहां के मजदूरी को बमुश्किल मजदूरी दी जाती है। जबकि माफिया करोड़ों में खेल रहे हैं। प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंचती है लेकिन कार्रवाई होती दिखाई नहीं देती। जिसके चलते खनन का यह खेल बदस्तूर जारी है।

सफेदपोश की भूमिका हो रही उजागर
खनन के इस खेल में प्रशासनिक अधिकारियों ही नहीं बल्कि सफेदपोशों की भूमिका भी उजागर हो रही है। सूत्राें की माने तो खनन के लिए लगाए स्टोन क्रशरों में कई बड़े मंत्रियों का भी हिस्सा शामिल है। इस खेल में जहां प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हैं, वहीं ऊंचे ओहदों पर बैठे सफेदपोश इसे शह देते हैं। कुल मिलाकर सब कुछ मिलजुलकर हो रहा है।

400 फुट चौड़ी 17 फुट गहरी बनी मोहंड रोह
रुड़की। मोहंड रोह नदी हकीकत को खुद बयां कर रही है। बंजारेवाला गांव के समीप मोहंड रोह नदी का निरीक्षण करें तो पता चलता है कि करीब 400 फुट चौड़ाई में 17 फुट गहराई तक इसकी कोख खोद डाली गई है। इससे आसपास की उपजाऊ भूमि नष्ट होती जा रही है। यह स्थिति नदी में करीब चार किलोमीटर तक है। इसके आगे जाएं तो नदी के वास्तविक स्वरूप का भी पता चलता है। यहां पर नदी एक सपाट प्लेटफार्म की तरह दिखाई देती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

mohand roh river

स्पॉटलाइट

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

बंदर के पोज में क्यों बैठे हैं 'गुंडे', ट्विटर पर डाली फोटो

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

यूरिन इंफेक्शन से दूर रखेंगे ये सुपर फूड्स, ट्राई करके देखें

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

महिला बॉडीगार्ड ज्यादा रखने की कहीं ये वजह तो नहीं?

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

जानें कैसे 400 ग्राम दूध बचा सकता है आपको आने वाली दुर्घटनाओं से

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

यूपी डीजीपी का पद छोड़ते वक्त ये ट्वीट कर गए जावीद अहमद, आपने पढ़ा?

javeed ahmed tweets before leaving the post of UP dgp
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +

3 हजार ईंट लेकर पहुंचे मुस्लिम, बोले- बनाओ राममंदिर

muslims reach ayodhya with 3000 bricks for ram temple construction
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार ने की आजम खां की सुरक्षा में कटौती

 UP govt reviews security of leaders.
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का गरीबों को एक और तोहफा, अब मई से दोगुना मिलेगा...

The Yogi Government's gift to the poor, now it will double in May ...
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

दिल्ली से लौटते ही बदल गए कांग्रेस नेताओं के सुर, पढ़िए किसने क्या कहा

himachal congress leaders and ministers statements
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

मोदी-राजे ने नहीं दी लाल बत्ती, क्यों उतारूं, अड़ा ये MLA

MLA said, I do not remove lal batti
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top