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11 डाक्टर गए मिला मात्र एक

Haridwar

Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
हरिद्वार। इस समय डाक्टरों को पहाड़ चढ़ाने की कवायद चल रही है। इसको लेकर नेता, अफसर बयानबाजी कर अखबारों में छप भी रहे हैं। लेकिन, मैदानों की सुध कोई नहीं ले रहा है। हरिद्वार जिले में डाक्टरों की पहले से कमी बनी हुई थी। तबादलों ने कौड़ में खाज का काम कर दिया। जनवरी 2012 से अगस्त तक 10 डाक्टरों के दबादले हुए। जबकि एक डाक्टर दो साल की स्टडी लीव पर हैं। यानी कुल यहां से 11 डाक्टर गए और मिला मात्र एक। यात्रियों के भारी दबाव के चलते शहर के सरकारी अस्पतालों का हाल कस्बों जैसा है। जिला अस्पताल में डाक्टरों के आधे से भी ज्यादा पद खाली हैं। मेला चिकित्सालय का हाल भी इससे जुदा नहीं है। महिला अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सकों की आधी संख्या से ही काम चलाया जा रहा है।
राजकीय मेला चिकित्सालय का हाल:
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यहां इमरजेंसी भी आठ घंटे की
राजकीय मेला चिकित्सालय से जुलाई में पांच डाक्टरों के तबादले किए गए। जिन्हें अगस्त में यहां से रिलीव भी कर दिया। लेकिन इनके प्रतिस्थानी के तौर पर अभी तक यहां किसी को नहीं भेजा गया। इस अस्पताल की स्थिति यहां तक बिगड़ गई है कि 24 घंटे की इमरजेंसी को घटाकर आठ घंटे कर दिया है। यानी मेला अस्पताल में 16 घंटे इमरजेंसी व्यवस्था तक नहीं है।
इनसेट
महिला चिकित्सालय :
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व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई
जुलाई में महिला अस्पताल से सीएमएस सहित चार डाक्टरों के तबादले हुए थे। अस्पताल को सीएमएस के बदले सीएमएस तो मिल गई लेकिन तीन अन्य डाक्टर नहीं मिल पाए। यहां हर रोज करीब 200 मरीज आते हैं। साथ ही डिलीवरी का काम भी रहता है। डाक्टरों की कमी के चलते महिला अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। जो डाक्टर नियुक्त हैं, उन पर काम का अतिरिक्त बोझ आ गया है।

जिला अस्पताल :
आधे डाक्टर भी नहीं
-जिला अस्पताल भी डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है। यहां पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष आधे डाक्टर भी नहीं हैं। राजकीय जिला चिकित्सालय के आई सर्जन का तबादला अप्रैल मेें हुआ था। उसके बाद से आज तक भी दूसरे सर्जन नहीं मिले। एक चिकित्सक पिछले महीने दो साल की स्टडी लीव पर चले गए हैं। उनके बदले भी किसी की तैनाती होने की संभावना अब नजर नहीं आ रही हैं।
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अस्पतालों में चिकित्सकों की स्थिति
अस्तपाल - स्वीकृत पद - कार्यरत चिकित्सक
जिला अस्पताल - 20 - 08 (एक संविदा चिकित्सक)
मेला अस्पताल - 10 - 04
महिला अस्पताल - 07 - 04
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