आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

लधौनधुरा मंदिर में मनौती पूरी होने पर चढ़ाई जाती हैं घंटियां

Champawat

Updated Tue, 27 Nov 2012 12:00 PM IST
चंपावत। धार्मिक नजरिए से चंपावत जिले का इतिहास बेहद समृद्धशाली रहा है। पग-पग पर बिखरे शिवालयों एवं देवालयों ने यहां की धार्मिक मान्यताओं को नई ऊंचाइयां दी हैं। ऐसा ही एक शिवालय है लधौनधुरा का मंदिर, जहां प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की चतुदर्शी को मेला लगता है। यह मेला विलुप्त होती जा रही संस्कृति को बचाने का काम भी कर रहा है। श्रद्धालु रातभर भजन-कीर्तन के अलावा यहां झोड़ा चांचरी का गायन करते हैं। इस मंदिर में मनौती पूरी होने पर भक्तों की ओर से घंटियां चढ़ाई जाती हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह सुरम्य स्थल पर्यटन मानचित्र पर जगह नहीं बना पाया है।
क्वैराला एवं लधिया घाटी के बीच बांज के घने जंगल की पहाड़ी में स्थित लधौनधुरा मंदिर में कार्तिक मास की चर्तुदशी की रात को खरही गांव से डोला उठता है, जो कार्तिक पूर्णिमा को सूर्योदय के समय लधौनधुरा मंदिर में पहुंचता है। डोले को उठाने का जिम्मा खरही गांव के ग्रामीणों का होता है। महाराना जाति के लोग डोले की सुरक्षा के लिए उसके आगे-आगे छड़ीदार के रूप में चलते हैं। आठ किमी दूर खरही गांव से उठने वाले इस डोले को मंदिर से पहले निर्धारित स्थान पर विश्राम कराया जाता है, जहां से फिर पूर्णिमा को सूर्योदय के समय डोले को मंदिर में पहुंचाया जाता है। नाकुड़ा, बैजनाथ एवं इजर के लोग यहां के पुजारी माने जाते हैं। जो बारी बारी से मंदिर की व्यवस्थाएं देखते हैं। इसके अलावा पूजा अर्चना कराने का जिम्मा ओखलढूंगा-दुनियां, सीम-कैन्यूड़ा, एवं वैला गांव के लोगों के पास होता है।
कार्तिक चतुर्दशी की रात को नि:संतान महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए रातभर जागरण करती हैं। मेले में मिरतोला, नंदोला, गोली, बिरगुल, रीठासाहिब, भिंगराड़ा, साल टांण, मछियाड़ समेत तमाम गांवों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। कवि प्रकाश जोशी शूल का कहना है कि यह मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक है। उनका कहना है कि यहां पर लगने वाला मेला विलुप्त होती जा रही संस्कृति को बचाने में बेहद मददगार बना हुआ है, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते इस मंदिर का समुचित विकास नहीं हो पाया है। मोटरमार्ग की कमी इस स्थल को विकसित करने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

हर दिन खुद दुकान जाकर पान खाता है यह हाथी, देखें वीडियो

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

प्रेम चोपड़ा कभी नहीं भूल पाए वो 'रेप सीन', हीरोइन ने बदला लेने के लिए चली थी गहरी चाल

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

वैज्ञानिकों ने तैयार की चाय से बनी Wine, आप चखेंगे क्या?

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

रोज सुबह पिएं एक कप लेमन टी, इस बड़ी बीमारी से मिलेगा छुटकारा

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

लगातार रोए जा रही थी बच्ची, चुप कराने के लिए पिता ने उठा लिया इतना बड़ा कदम

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

सेना में भर्ती रैली की तारीखों में हुआ बदलाव, यहां जानिए नई तारीखें...

army recruitment in lucknow and faizabad
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का आदेश जारी, अभी करना होगा इंतजार

Arrears of seventh pay commission will be paid from December
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.5

Tremors measuring 4.5 on the Richter scale hit Jammu and Kashmir
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

अगर आप भी माता वैष्णो देवी के दर्शन को जा रहे हो तो जरूर पढ़ें यह खबर

Chopper service to Mata Vaishno Devi shrine suspended today
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

इंटेलीजेंस इंस्पेक्टर और महिला आरक्षी के बीच प्रेम संबंध, SP ने लिया बड़ा एक्शन

sp took action on Complaining about love affairs
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!