आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

महकमों का सूत्र वाक्य, ‘हम नहीं सुधरेंगे’

Chamoli

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
कर्णप्रयाग। निकटवर्ती पंचपुलिया के पास की तस्वीर देखिए। एक तरफ, वन विभाग का कर्ण वन है, तो इससे एकदम सटा नगर पंचायत का कूड़ा डंपयार्ड। वन विभाग ने साल भर पहले मुख्यमंत्री हरित विकास योजना के तहत पार्क, धारा और पौधरोपण कर कर्ण वन बनाया। मकसद ये ही था, कि लोग यहां पर आकर सुकून महसूस करें, मगर अब इसके एकदम बगल में उग आए कूडे़दान से दिक्कतें ही दिक्कतें हैं। हालांकि नगर पंचायत के अपने तर्क है। कर्णप्रयाग को साफ सुधरा रखने के लिए वहां के कूडे़ के निस्तारण की व्यवस्था के तहत डंपयार्ड बनाए गए हैं। मगर अहम बात ये ही है कि दोनों विभागों के बीच तालमेल होता, तो दोनों ही योजनाएं पब्लिक के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होकर सामने आती। अब एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के अलावा कुछ गुंजाइश नहीं बची हुई है।
अलकनंदा वन प्रभाग के आटागाड़ रेंज की तरफ से मुख्यालय से चटवापीपल तक हाइवे के किनारे बहुमूल्य प्रजाति के छायादार पेड़ लगाए गए। पंचपुलिया के समीप भी करीब आधा किमी के दायरे में सैकड़ों पेड़ लगाए गए। योजना के तहत करीब साढ़े पांच लाख का बजट खर्च कर पार्क व धारा निर्माण भी किया। मगर अब वन विभाग के पार्क और नर्सरी के बीच नगर पंचायत ने आठ लाख की लागत से कूड़ा डंपयार्ड बना दिया है। आबोहवा और प्राकृतिक नजारों को देखने के लिए लोग यहां आए, तो उन्हें कूडे़दान के कारण अप्रिय स्थिति का सामना भी करना पडे़गा। केदारनाथ वन प्रभाग के एसीएफ सुरेंद्र लाल का कहना है कि मामले को दिखवाया जाएगा।



इनका कहना है-
वन विभाग ने नगर सहित चार धाम यात्रा को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं सुंदरीकरण का प्रयास तो किया, लेकिन इस कार्य की देखभाल में लापरवाही बरत ली। दोनों विभागों में योजनाओं को जमीन पर उतारने से पहले बात हो जानी चाहिए थी।
हरीश सती, सामाजिक कार्यकर्ता

यदि यहां नगर पंचायत का डंपयार्ड प्रस्तावित था, तो वन विभाग को पौधरोपण नहीं करना चाहिए था। यदि पौधरोपण किया गया तो नगर पंचायत को डंप यार्ड के अन्य स्थान तलाशने चाहिए थे। मामले में जहां दोनों विभागों ने लाखों खर्च किए। दोनो विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जीतेंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता


कोट---

पंचायत ने अपनी भूमि पर कूड़ा डंपयार्ड का निर्माण किया है। वन विभाग ने कब यहां पौधरोपण, पार्क निर्माण व अन्य कार्य किए इसकी जानकारी पंचायत प्रशासन को नहीं दी, जबकि कूड़ा डंपयार्ड यहां पहले से प्रस्तावित था। नगर को प्रदूषण से बचाने के लिए इसका निर्माण किया गया है।
श्रीमती मनोरमा डिमरी, नगर पंचायत अध्यक्ष कर्णप्रयाग।

हमारा काम केवल निर्माण और पौधरोपण करना था। देखभाल एवं अन्य मामले केदारनाथ वन प्रभाग के पास है। यदि पौधों को क्षति पंहुची है तो उसकी भरपाई नगर पंचायत को करनी होगी।
अनिल मलेठा, रेंजर आटागाड़ रेंज।



एक विभाग की दो विंगों में भी तालमेल नहीं
सब स्टेशन पर जुगाड़ से मिलेगा झटका
अमर उजाला ब्यूरो
तिलवाड़ा। सुमाड़ी भरदार में प्रस्तावित 33 केवी सब स्टेशन का भवन निर्माण का काम अटका हुआ है। वजह, ऊर्जा निगम की इलेक्ट्रिकल विंग और सिविल विंग के बीच तालमेल का अभाव। घोर लापरवाही इस बात से सामने आती है, कि एक विभाग के भीतर उसकी दोनों विंगों में तालमेल का अभाव है। भवन न बनने के कारण लाखों रुपये की लागत की मशीन खुले आसमान के नीचे रख दी गई है। चूंकि सब स्टेशन चालू करने की डेडलाइन तक काम पूरा नहीं हो पाया, तो जुगाड़ बाजी करके मशीन के साथ एक पैनल को अस्थायी तौर पर जोड़कर सप्लाई शुरू कर दी गई है। जुगाड़ का ये काम लोगों पर कब भारी पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। मशीनें खराब होने का अंदेशा है। छोटे-मोटे फाल्ट आने पर क्षेत्र में बिजली अव्यवस्था फैल सकती है।
वर्ष 2007 में तत्कालीन ऊर्जा राज्य मंत्री अमृता रावत ने सुमाड़ी भरदार में सब स्टेशन का शिलान्यास किया था। इसके बाद वर्ष 2010 में तत्कालीन सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सुमाड़ी में सब स्टेशन निर्माण की घोषणा की थी। जनवरी 2011 में एटूजेड कंपनी द्वारा सब स्टेशन निर्माण के लिए एग्रीमेंट किया गया, लेकिन इसकी समयावधि पूरी होने के एक वर्ष बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर ने अपने घेराव के दौरान 10 अक्तूबर को आश्वासन दिया था। इसमें 30 नवंबर तक सब स्टेशन का कार्य पूर्ण करने की बात कही गई थी। मगर यह आश्वासन झूठा साबित हुआ।



इनका कहना है

विभागीय अधिकारियाें ने जो आश्वासन दिया था, उसके अनुरूप कार्य नहीं किया है। एक पैनल चालू कर विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर दी है। सब स्टेशन के भवन का निर्माण कार्य पूर्ण जल्द पूरा नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन शुरु करने को बाध्य होगी।
भीम सिंह रावत, व्यापार संघ अध्यक्ष सुमाड़ी

निर्माण कार्य की सारी जिम्मेदारी सेकेंडरी (इलेक्ट्रिकल) विंग की है। कार्यदायी संस्था का एग्रीमेंट भी उसी के साथ हुआ है। हमारा केवल टेक्निकल गाइडेंस का काम है, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है।
एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता, सिविल विंग ऊर्जा निगम।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : मनवीर से अंडे फुड़वाएंगे शाहरुख, सलमान हो जाएंगे हैरान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

इन प्राकृतिक तरीकों से घर पर बनाएं ब्लीच, त्वचा को नहीं होगा नुकसान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सोई हुई लड़कियों को गंदे तरीके से उठाते हैं लड़के, देखिए जापान का अजीब गेम शो

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने हासिल किया ऐसा मुकाम, पहली ही कोशिश में बना सीए

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पीरियड्स के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम, पड़ सकते हैं भारी

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

...तो सीएम हरीश रावत इन दो सीटों से चुनाव में ठोकेंगे ताल?

harish rawat may contest in election from two seats
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top