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भूधंसाव से बसंत विहार और पपडियाणा गांव खतरे में

Chamoli

Updated Mon, 06 Aug 2012 12:00 PM IST
गोपेश्वर। स्टेडियम के नीचे से लगातार हो रहे भू-धंसाव से बसंत विहार और पपडियाणा गांव खतरे की जद में आ गए हैं। भू-धंसाव की चपेट में आए बसंत वि हार में कई लोगों ने तो अपने आवासीय मकान भी छोड़ दिए हैं, इसके चलते लोग दहशत में हैं।
लगातार हो रही बारिश इस बार इन क्षेत्रों में कहर बनकर टूटने लगी है। स्टेडियम के नीचे हो रहे भू-धंसाव से बसंत विहार में कई मकान क्षतिग्रस्त होने के कगार पर हैं। इस वजह से लोग अपने मकानों में नहीं रह रहे हैं। जगह-जगह पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा पपडियाणा गांव के ऊपर भी भू-ध्ंासाव होने से गांव को खतरा पैदा हो गया है। हालत यह है कि थोड़ी सी बारिश में भी ग्रामीणों ने अब अपने घरों को छोड़ना शुरू कर दिया है। पपडियाणा के सरपंच राजेंद्र सिंह तथा पंकज पंवार ने बताया कि गांव के नीचे से भी भूधंसाव शुरू हो गया है। बसंत विहार के ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर सुरक्षा प्रबंध करने की गुहार लगाई है। स्थानीय निवासी गंगा सिंह, आलम सिंह, वीरेंद्र सिंह, भगत, चंद्रशेखर तथा मनोरमा आदि का कहना है कि जल्दी ही प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो भू-धंसाव कहर बरपा सकता है।


पैदल पुल ढहने से आवाजाही ठप
गोपेश्वर। विकासखंड दशोली के सरतोली के रेगोड तोक में बना पैदल पुल ढह गया है। ग्रामीणों का आब मोटर मार्ग तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। सरतोली, भौंरा तथा ठेली आदि गांवों के ग्रामीण इसी पैदल पुल के सहारे अपने गंतव्यों को आवाजाही करते हैं। पुल के ढह जाने से ग्रामीण मीलों पैदल सफर तय कर मोटर मार्ग तक पहुंच रहे हैं। संपर्क मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
नरौधार भी बना नया भूस्खलन जोन
गोपेश्वर। गोपेश्वर-मंडल मोटर मार्ग पर चाड़ा नामक स्थान पर आए दिन हो रहे भूस्खलन का अभी ठीक ढंग से ट्रीटमेंट भी नहीं हुआ कि इसी मार्ग पर नरौधार के समीप एक नया भूस्खलन जोन उभरने से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बैरांगना के समीप पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से मोटर मार्ग पर आए दिन पत्थर बरस रहे हैं। रविवार को भी तड़के पहाड़ी से आए मलबे से यह मार्ग करीब तीन घंटे बाधित रहा। इस वजह से स्थानीय लोगों को ही नहीं बल्कि केदारनाथ से आने वाले तीर्थ यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।6 लोनिवि द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग पर आए मलबे को करीब नौ बजे हटाया गया तब जाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई।
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