आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सुविधाओं का ढांचा होता तो इतनी तकलीफ नहीं होती

Bageshwar

Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र के लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही मानवीय भूल और हर स्तर पर हुई उपेक्षा का खामियाजा भोगना पड़ रहा है। अलग राज्य बने 11 साल बीत जाने के बावजूद यहां दूरस्थ क्षेत्रों में यातायात और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। सामान्य दिनों में भी रोगियों को डोली में रखकर दिन भर के सफर के बाद कपकोट या बागेश्वर लाना पड़ता है। आपदा के इस दौर में यही लापरवाही मुसीबत का कारण बनी है।
कपकोट का उच्च हिमालयी क्षेत्र दुर्गम और आपदाओें की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील है। क्षेत्र के विकास के लिए सड़क संपर्क की तीव्र आवश्यकता है। जिला, तहसील और ब्लाक मुख्यालय तक सीधी पहुंच के लिए यातायात सुविधाएं आज भी अच्छी हालत में नहीं हैं। हिमालय से लगे झूनी और खलझूनी गांवों के पास तक बनी सड़क पहले से ही बंद पड़ी है। सामान्य दिनों में भी यहां के लोग 18किमी पैदल चलकर सड़क तक आ रहे थे। इस वक्त इलाके की भराड़ी-शामा और कपकोट-कर्मी जैसी प्रमुख सड़कें बंद हैं। इस वक्त लोगाें को 50 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। झूनी, खलझूनी से लेकर कुंवारी, बाछम, बदियाकोट,निखिला खलपट्टा, सोराग सहित कई गांव सड़क संपर्क के अभाव में अलग थलग पड़े हैं। दर्जनों वाहन जगह-जगह फंसे हुए हैं। परिवहन समस्या ने तमाम अन्य कठिनाइयां पैदा कर दी हैं। सबसे बड़ी समस्या राशन और दवाओं की है। दुकानों में धीरे धीरे राशन खत्म होने लगा है।
दुर्गम और टूटे हुए पैदल रास्तों से घोड़ों में लाया गया खुले बाजार का राशन आम आदमी की पहुंच से बाहर होगा और भुखमरी की नौबत आ जाएगी। राशन की तरह ही स्वास्थ्य सेवाएं भी चिंताजनक हालत में हैं। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड बनने बाद हालत बदतर हुए हैं। अस्पतालों के भवन बने हैं किंतु डाक्टरों और कर्मचारियों के पद खाली हो गए हैं। दुर्गम इलाकों में कोई भी कर्मचारी रहना नहीं चाहता। रोगियों को डोली में रखकर पैदल रास्तों से कपकोट या बागेेश्वर लाना पड़ता है। जिसमें पूरा दिन लग जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में विकास के नाम पर बनी सड़कें आधी अधूरी हैं। विकास का शेष ढांचा और भी दयनीय हालत में है। उनका कहना है कि आपदा आने के बाद घड़ियाली आंसू बहाने के बजाए समय पर विकास का ढांचा खड़ा किया होता तो आज पीड़ितों को इतनी कठिनाई नहीं उठानी पड़ती।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Facebook के सीईओ जुकरबर्ग ने बताया क्यों जरूरी है पैटर्निटी लीव..

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

इन 5 मजेदार तस्वीरों ने Facebook पर खूब मचाया धमाल

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

पूरी दुनिया में किया कमाल, ये यंगस्टर्स हैं कामयाबी की मिसाल

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

जनाब जरा संभल कर खाएं, आपके बन में भी हो सकता है चूहा!

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

World Photography Day:दुनिया की बेहतरीन 10 तस्वीरें जिन पर आपकी नजरें टिक जाएंगी

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

Most Read

मुजफ्फरनगर रेल हादसे में मुआवजे की घोषणा, मृतकों के परिजनों को दो लाख

UP government in action on kalinga utkal derailment.
  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

हुर्रियत नेता मीरवाइज बोले, 'एक आतंकी मारोगे, तो 10 और बंदूक उठाएंगे'

Kashmir problem not solve by killing terrorist says mirwaiz umar farooq
  • शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
  • +

बिहारः नीतीश ने शरद को दी धमकी, बोले- लालू की रैली में होंगे शामिल तो होगी कार्रवाई

Bihar: JDU cheif nitish kumar hints at action against Sharad Yadav if he attends Lalus rally
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

मुजफ्फरनगर में उत्कल एक्सप्रेस के छह डिब्बे पटरी से उतरे, दर्जनों घायल

Six coaches of Puri-Haridwar-Kalinga Utkal Express derails in Muzaffarnagar
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

बिहारः सुसाइड करने वाले बक्सर डीएम के ससुर ने 72 घंटे बाद खोला राज

My daughter is not at fault says Father-in-law of DM Buxar
  • शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
  • +

शरद यादव जो चाहें करें, उनसे कुछ होने वाला नहीं : नीतीश

JDU formally joins NDA Nitish kumar slams Sharad yadav 
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!