आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

..सूर्पणखा, कैकई यानी शमशेर राणा

Almora

Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
अल्मोड़ा। रामायण में कैकई और सूर्पणखा की भूमिका नकारात्मक रही है लेकिन शमशेर जंग राणा ने लंबे समय तक इन दोनों पात्रों का इतना सजीव चित्रण किया कि वह बहुत लोकप्रिय कलाकार के रूप में जाने जाते हैं। कैकई और शूर्पणखा के अलावा वह बचपन में वह सीता का अभिनय भी कर चुके हैं। उनका अभिनय देखने को दर्शकों की काफी भीड़ जुटती थी। नगर के अलावा ध्याड़ी, दन्यां, नैनीताल, रानीखेत में भी अभिनय करने के लिए बुलाया जाता था।
जल संस्थान से सेवानिवृत्त दुगालखोला निवासी 65 वर्षीय श्री राणा ने सन् 1962 से 2009 तक नगर के अलावा रानीखेत, दन्यां, ध्याड़ी, नैनीताल आदि स्थानों पर खासकर कैकई, सूर्पणखा के पात्र का अभिनय किया। श्री राणा ने पंद्रह वर्ष की उम्र में सन् 1962 में अल्मोड़ा में नंदादेवी रामलीला में सीता के पात्र से अभिनय की शुरुआत की। करीब आठ वर्ष तक उन्होंने यहां सीता का पाठ खेला। उसके बाद कैकई तथा सूर्पणखा का दमदार अभिनय कर अलग पहचान बनाई। लोग उन्हें अब भी नहीं भूले हैं। उन्होंने नंदादेवी, मुरलीमनोहर, पोखरखाली, हुक्का क्लब, एनटीडी, खत्याड़ी, ध्याड़ी, दन्यां के अलावा नैनीताल, रानीखेत आदि स्थानों पर जाकर कैकई तथा सूर्पणखा का अभिनय किया।
वह बताते हैं कि 70 तथा 80 के दशक में एक पात्र के अभिनय के लिए कई युवा इच्छुक होते थे। एक महीने तक रिहर्सल करवाकर सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को ही अभिनय का मौका मिलता था। चयन के बाद करीब चार माह तक तालीम दी जाती थी। प्रारंभ में अल्मोड़ा में नंदादेवी तथा पांडेखोला में ही रामलीला होती थी। उस दौर में प्रकाश तथा साउंड व्यवस्था इतनी आधुनिक नहीं थी लेकिन रामलीला के प्रति लोगों में काफी श्रद्धा भाव रहता था। श्रद्धा के सम्मुख रामलीला कमेटियों की आर्थिक दिक्कतें भी बौनी साबित होती थी। आज संसाधन हैं, लेकिन रामलीला देखने को दर्शकों की संख्या कम होती जा रही है, जो चिंताजनक है। अस्सी के दशक तक रामलीला महोत्सव लोगों के लिए पर्व की तरह होता था। मंचन शुरू होने से लेकर समाप्त होने तक दर्शक जमे रहते थे लेकिन वर्तमान में टीवी आदि मनोरंजन के साधन होने से रामलीला के प्रति लोगों का रुझान कम हुआ है।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

जानें नए कलेवर में लॉन्च नोकिया फोन की खूबियां

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

जानिए दुनिया के सबसे सम्मानित पुरस्कार 'ऑस्कर' से जुड़ी 10 रोचक बातें 

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ICC रैंकिंग: स्टीव ओ'कीफ की ऊंची छलांग, अश्विन-जडेजा और विराट को हुआ नुकसान

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

अब यह लोकप्रिय कार भी नहीं मिलेगी बाजार में

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

झारखंड: महिला कर्मचारियों को मिलेगी दो विशेष छुट्टी

Jharkhand:women will get 2 special leave under sarva shiksha abhiyan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top