आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राज्यपोषित शिक्षा का बजट और दायरा बढ़े

Varanasi

Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
वाराणसी। देशभर में राज्यपोषित शिक्षा का बजट और दायरा बढ़ाने और स्ववित्तपोषित शिक्षा पर नियंत्रण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों पर दबाव बनाया जाए। इन महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के स्वर्ण जयंती समारोह को सोमवार को विराम दिया गया।
काशी विद्यापीठ के कुलपति डा. पी. नाग की अध्यक्षता एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. बीएम शुक्ल के मुख्य आतिथ्य में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित समापन समारोह में महासंघ के अध्यक्ष पश्चिम बंगाल के प्रो. तरुण कुमार पात्रा ने तीन दिवसीय समारोह के दौरान हुए विमर्श का सारांश प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश में राज्यपोषित शिक्षा की आवश्यकता है न कि सिर्फ स्ववित्तपोषित शिक्षा की। स्ववित्तपोषित शिक्षा महानगरीय व्यवस्था में तो खप सकती है किंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अब भी 60 फीसदी भारत गांवों में ही निवास करता है। महासंघ के महासचिव प्रो. अशोक के. बर्मन ने कहा कि देश में समान शिक्षकों के वेतनमान में भी काफी अंतर है। कुछ शिक्षकों को सरकारी दृष्टि से पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं किंतु वहीं ऐसे शिक्षकों की संख्या अधिक है जिनका वेतनमान अब भी बाबू के वेतन के बराबर हैं। मुख्य अतिथि प्रो. बीएम शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों पर ही देश का भविष्य सबसे अधिक आश्रित है। यदि शिक्षक ही बदहाली में होंगे तो देश खुशहाल कैसे हो सकता है। अध्यक्षीय संबोधन में डा. पी. नाग ने कहा कि शिक्षा और शिक्षण पद्धति दोनों पर विचार किया जाना जरूरी है। शिक्षा पद्धति अच्छी होकर भी क्या होगा, जब शिक्षण पद्धति ठीक नहीं होगी। समारोह में देशभर के 17 राज्यों से आठ सौ से अधिक प्रतिभागियों में सहभागिता की। आगतों का स्वागत डा. वीरेंद्र सिंह, संचालन डा. काशीनाथ सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. हरिश्चंद्र सिंह ने किया।

पिछले सम्मेलनों की कमियां भुला दीं बनारस ने
वाराणसी। तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह में आगतों के लिए की गई व्यवस्था से देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक गदगद दिखे। सोमवार को दोपहर में समापन समारोह के बाद विदा की बेला में कई शिक्षकों की आंखें नम हो गईं। चेन्नई से आए पी. पुष्पेंद्र के शब्दों में पिछले समारोहों में जो कमियां रह गईं थीं, काशी की शानदार मेजबानी ने उन सब को भुला दिया। पश्चिम बंगाल से आईं प्रो. दीप्ति मोइत्रा को बनारसी व्यंजन बहुत पसंद आए। पटना बिहार से आए डा. परमानंद सिंह और उनके साथी शिक्षकों को आयोजन समिति द्वारा की गई प्रत्येक व्यवस्था पसंद आई। उन्हें सिर्फ एक बात खटकी कि यदि शिक्षकों की फोटो खींचकर उन तक पहुंचवाने की व्यवस्था की गई होती तो उन्हें अन्य छायाकारों को मनमानी कीमत नहीं देनी पड़ती।

अगली मुलाकात पटना या जयपुर में
वाराणसी। महासंघ का 51वां अधिवेशन अगले वर्ष पटना अथवा जयपुर में हो सकता है। महासंघ के महासचिव प्रो. एके बर्मन के अनुसार, सोमवार को समापन समारोह के बाद बिहार और राजस्थान के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ ने 51वें सम्मेलन की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद दोनों में से किसी एक के नाम पर निर्णय किया जाएगा।

प्रदेश भर के शिक्षक जुटेंगे लखनऊ में
वाराणसी। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के सदस्य वाराणसी के बाद शीघ्र ही लखनऊ में भी मिलेंगे। छठे वेतनमान के लागू होने के बाद भी एरियर का भुगतान नहीं किए जाने के विरोध में 21 से 23 दिसंबर तक लखनऊ में क्रमिक अनशन का आयोजन किया गया है। जब लखनऊ में जुटने का ऐलान किया गया तो प्रदेश भर के शिक्षकों ने करतल ध्वनि से घोषणा का स्वागत किया।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

जानें क्या कहता है आपके आईलाइनर लगाने का अंदाज

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

रात में लाइट जलाकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

गीता बाली से शादी के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में हुआ था ये चमत्कार, रातोंरात बन गए थे सुपरस्टार

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

अगर आप हैं ऑयली स्किन से परेशान तो जरूर आपनाएं ये घरेलू उपाय

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

54 वर्ष की उम्र में भी झलक रही है श्रीदेवी की खूबसूरती, देखें तस्वीरें

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

Most Read

मां-बाप ने डांटा तो घर से भाग न‌िकले नाबाल‌िग भाई-बहन, होटल पहुंचे तो...

minor brothers and sisters run from house after Parents scolded  
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

'भाजपा भगाओ रैली' से पहले अकेले पड़े लालू, माया के बाद सोनिया भी नहीं होंगी शामिल

Congress president Sonia Gandhi abstain from lalu yadav's rally
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

राबड़ी देवी के समर्थन में उतरे सुशील मोदी, बीजेपी के कई नेता हैरान

Sushil Modi in support of Rabri Devi, many BJP leaders surprised
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

शिक्षाम‌ित्रों के हक में अखिलेश ने किया ट्वीट, निशाने पर सीएम योगी

akhilesh yadav tweets in favour of shikshamitra
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

जानिए तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोला दारुल उलूम?

Darul Uloom from Deoband said on the divorce decision of three ...
  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

विपक्षी एकता को लगा झटका, लालू की रैली में शामिल नहीं होंगी मायावती, मुलायम पर सस्पेंस

Mayawati refused to come in lalu rally be held in 27 august, even mulayam hope also less  -
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!