आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

खाकी वर्दीधारियों ने छोड़ दिया मूंछों पर ताव देना!

Varanasi

Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
वाराणसी। या तो खाकी वर्दी धारियों ने मूंछों पर ताव देना छोड़ दिया है या फिर पुलिस महकमे के सभी लोग मूंछमुंडे हो गए हैं। तभी तो जिले के किसी भी पुलिसकर्मी को मूंछों का भत्ता (स्पेशल अलाउंस) नहीं मिलता। उच्चाधिकारी जिले में तैनात डेढ़ हजार दारोगा और सिपाहियों में से एक की भी मूंछ को इसके काबिल नहीं समझते।
पुलिस महकमे में कई भत्ते विशेष परिस्थितियों में दिए जाते हैं। लेकिन, इसके लिए विभाग के आलाधिकारी की नजरे इनायत होनी चाहिए। मूंछ का भत्ता भी इसमें शामिल है। एसएसपी और उससे ऊपर रैंक के अधिकारी को विशेषाधिकार होता है कि मातहतों में किसी की मूंछ उसे खास दिख जाए तो उसे वह भत्ता दे सकता है। अधिकारी के निर्देश पर आरआई उस पुलिसकर्मी के वेतन में अतिरिक्त भत्ता जोड़कर शासन को भेज देता है।
मूंछ के लिए हर माह 100 रुपये का भत्ता दिया जाता है। इस तरह मूंछों के रखरखाव के लिए सालाना 1200 रुपये मिलते हैं। इसमें मूंछों की कटिंग से लेकर उसे रंगने तक का खर्च शामिल है। अगर सिपाही किसी वजह से मूंछ कटा लेता है या उसका आकार बदल देता है तो भत्ता निरस्त भी किया जा सकता है। यह भत्ता उनको ही दिया जाता है जो अपनी खास प्रकार की मूंछ के कारण पहचाने जाते हैं। सौ-दो सौ सिपाहियों की भीड़ में जिनको आसानी से पहचाना जा सके। रौबदार मूंछों को इसमें वरीयता दी जाती है। वैसे तो यह भत्ता अधिकारी का विशेषाधिकार है लेकिन यह भी सच है कि जिले में कई सिपाही ऐसे हैं जिनकी मूंछें भत्ते की शर्तों पर खरी उतरती हैं।

1200 रुपये सालाना मिलते हैं मूंछों को संवारने के लिए

जिले में इस समय किसी को भी मूंछ का भत्ता नहीं मिल रहा है। वैसे भी यह अनिवार्य भत्ता नहीं है बल्कि अधिकारी का विशेषाधिकार होता है। इसके लिए विभाग उस अधिकारी को मद अलाट करता है। उसका उपयोग अधिकारी की इच्छा और विवेक पर निर्भर करता है। -रणविजय सिंह, आरआई।
........

नत्थूलाल को टक्कर देती हैं माताभीख की मूंछें
वाराणसी। सिगरा थाने में तैनात सिपाही माताभीख सिंह की मूंछें शराबी फिल्म के नत्थूलाल की मूंछों से टक्कर लेती हैं। जनपद में एक साल से तैनात माताभीख को भी भत्ता नहीं मिलता। प्रतापगढ़ के रहने वाले माताभीख पुलिस सेवा में 1974 से हैं। इसके पहले इलाहाबाद में तैनाती के दौरान उनको तत्कालीन एसएसपी वीके सिंह और डीआईजी चंद्रप्रकाश के निर्देश पर मूंछ का भत्ता दिया जाता था। इन खास मूंछों ने उनको कई रिवार्ड भी दिलाए हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

munchon proposal ofer

स्पॉटलाइट

Nokia 3310 की कीमत का हुआ खुलासा, 17 मई से शुरू होगी डिलीवरी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

फॉक्सवैगन पोलो जीटी का लिमिटेड स्पोर्ट वर्जन हुआ लॉन्च

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सलमान की इस हीरोइन ने शेयर की ऐसी फोटो, पार हुईं सारी हदें

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

इस बी-ग्रेड फिल्म के चक्कर में दिवालिया हो गए थे जैकी श्रॉफ, घर तक रखना पड़ा था गिरवी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

विराट की दाढ़ी पर ये क्या बोल गईं अनुष्का

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

हार के बाद बौखलाई आप! मान बोले- अनाड़ियों की तरह लड़े सीनियर नेता

Bhagwant mann on Delhi mcd elections
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

LIVE: जानिए 2012 में तीनों नगर निगम में क्या था बीजेपी का हाल, अब क‌िस न‌िगम में कौन है आगे

all three mcd results 2017 and comparison with 2012 results
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

MCD चुनावः उत्तरी दिल्ली नगर निगम में इस हालत में थीं बीजेपी

north mcd seats allotment in 2012 and results in 2017
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

सुकमा हमले की वजह से दिल्ली MCD चुनाव की जीत का जश्न नहीं मनाएगी बीजेपी

BJP will not celebrate the victory of Delhi MCD elections due to Sukma Maoist attack
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

आप ने कहा कि हमें बीजेपी ने नहीं ईवीएम मशीनों ने हराया

aap blames evm for its defeat in mcd election 2017, see what its leader saying
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

यूपी डीजीपी का पद छोड़ते वक्त ये ट्वीट कर गए जावीद अहमद, आपने पढ़ा?

javeed ahmed tweets before leaving the post of UP dgp
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top