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सीवीसी को भेजी गई कैग रिपोर्ट

Varanasi

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
वाराणसी। बीएचयू में कैग द्वारा वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आने के बाद एक वकील ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) का दरवाजा खटखटाया है। अधिवक्ता ने कैग की 2011 की आडिट रिपोर्ट के साथ आयोग को शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें यह कहा गया है कि दोषियाें पर कार्रवाई कर उन पर मुकदमा कायम कराया जाए।
बनारस सेंट्रल बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि कैग ने अपनी आडिट रिपोर्ट में बीएचयू के विभिन्न विभागाें की क्रय समितियों, प्रोफेसर, अधिकारियों को कंप्यूटर खरीदारी, अधिक पैसा व्यय करने, नियमावली के विरुद्ध परिवहन भत्ता लेने आदि मामले को प्रकाश में लाया है, जिसमें अनियमितता माना है। इसीलिए आयोग को इस पर संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या सतर्कता अधिकारियाें से करानी चाहिए ताकि सरकारी धनराशि का दुरुपयोग या गबन करने वाले अधिकारी दंडित हो सकें।

बीएचयू : अधिकारियों में जुबानी जंग शुरू
वाराणसी। बीएचयू में कैग के खुलासे के बाद सरसुंदरलाल अस्पताल के माड्यूलर ओटी के ठेके को लेकर पूर्व के अधिकारियों में जुबानी जंग छिड़ गई है। आईएमएस के पूर्व निदेशक प्रो. टीएम महापात्रा ने बताया कि दिल्ली की एक निजी कंपनी पर राष्ट्रमंडल खेल में दागी होने की जानकारी उन्हें जैसे ही मिली, उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आनंद कुमार को पत्र लिखा था। साथ ही कंपनी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। बताया, कंपनी ने दोषी नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद टेंडर में क्या और कैसे हुआ, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मैंने इससे अपने आप को अलग कर लिया था। टेंडर से संबंधित पेपर पर कहीं भी मेरा हस्ताक्षर नहीं है। इसकी जानकारी तत्कालीन कुलपति प्रो. डीपी सिंह को भी थी। चिकित्सा अधीक्षक को लिखे पत्र के संबंध में जब उनसे पूछा गया तो प्रो. महापात्रा ने यह कहकर टाल दिया कि वह एमएस आफिस में होगा। इस संबंध में प्रो. आनंद कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करा ली जाए तो पता चल जाएगा कि कौन दोषी है। बीएचयू के तत्कालीन कुलपति प्रो. डीपी सिंह ने फोन पर बताया, पहले तो मुझे बीएचयू के संबंध में कुछ नहीं कहना चाहिए लेकिन इतना जरूर है कि टेंडर में गड़बड़ी से संबंधित जानकारी यदि मुझे रहती तो जरूर कार्रवाई करता।
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