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वोट बैंक की खातिर सरकार वापस लेना चाहती है मुकदमा

Varanasi

Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। सात मार्च 2006 को संकटमोचन और कैंट स्टेशन पर हुए बम विस्फोटों के पीडि़तों के जख्म फिर हरे हो गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से चल रही आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने की तैयारी की खबर ने उनका गम और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है। उन्हें यह यकीन ही नहीं हो रहा है कि जिन लोगों के हाथ निर्दोषों के खून से सने हों उन्हें यों माफ कर दिया जाएगा। इन आतंकी धमाकों में किसी की गोद सूनी हो गई थी तो किसी का सुहाग उजड़ गया था। आरोपियों को सजा मिलने से उन्हें कुछ तो सुकून मिलता। पर यह केस भी अब वोट बैंक की सियासत में उलझ गया है। पीडि़तों का कहना है कि चंद वोटों की खातिर देश की अस्मिता को दांव पर लगाने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
इस घटना में मारे गए श्रीनगर कालोनी लक्सा के हरीश बिजलानी की मां कलावती की आंखें केस वापसी की बात शुरू होते ही नम हो गईं। रुंधे गले और हथेली से आंसू पोंछते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार यह गारंटी लेगी कि संकटमोचन ब्लास्ट के आरोपियों को मुक्त कर देने से देश में आतंकी घटनाएं नहीं होंगी। क्या ऐसा करने से दहशतगर्द सुधर जाएंगे। बातचीत के दौरान उनके आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। बगल में बैठे उनके पोते और हरीश के बेटे मोहित का कहना था कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हरीश के भाई चंदन ने कहा कि सरकार यह कदम केवल मुसलिम वोट बैंक हथियाने के लिए उठा रही है। कहा कि मुझे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर विश्वास है। आरोपियों को सजा जरूर मिलेगी। घटना में मृत अस्सी दादू मठ में रहने वाली सोलह माह की बच्ची शिवांगी के दादा शिवशंकर मिश्र से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने रामचरित मानस से हाथ हटाकर कहा कि धर्मशास्त्र कहता है कि दुष्ट को दुष्टता का दंड जरूर मिलता है। मनुस्मृति में इस प्रकार के पाप करने वाले को खौलते तेल की कड़ाही में डालने का विधान है। वर्तमान न्याय व्यवस्था के तहत इस प्रकार के आरोपी को फांसी से कम की सजा नहीं होनी चाहिए। सरकार केवल मुसलिमों का वोट हासिल करने के लिए ऐसा कर रही है। घटना में मृत मनोहर लाल भालोटिया की विराट विला निवासी बहू श्वेता भालोटिया ने सवाल किया कि जब सरकार का इरादा आरोपियों को मुक्त करने का ही था तो केस दर्ज ही क्यों किया गया। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने पर ही मन को शांति मिलेगी।
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