आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

प्रेम-मिलन की अनूठी बेला में छलकीं जनसैलाब की आंखें

Varanasi

Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। परे भूमि नहिं उठत उठाए/ बर करि कृपा सिंधु उर लाए...। गुरुवार की शाम तुलसी की इसी चौपाई के संगीतमय संवाद पर भगवान राम-लक्ष्मण बांहें पसार कर भरत -शत्रुघ्न से गले मिल लिपट पड़े तो अगाध प्रेम की उस घड़ी में तमाम आंखें छलछला उठीं। नाटी इमली मैदान में जग विख्यात भरत मिलाप के दृश्य निहारने की ललक में अमीर-गरीब की दीवारें टूट गईं। महामंडलेश्वर, पीठों के महंत से लेकर राजा से रंक तक एक ही ठांव टकटकी लगाए रहे। चारों भाइयों के गले मिलते ही हर हर महादेव के जयघोष के साथ गुलाब की पंखुडि़यों की वर्षा होने लगी। उस नजारे को कैद करने के लिए अमेरिका, इंग्लैंड और जर्मनी के विदेशी मेहमान भी मौजूद थे।
चित्रकूट रामलीला भवन से नाटी इमली होते हुए बड़ा गणेश (लोहटिया) स्थित अयोध्या के मैदान में जहां भरत थे, वहां तक करीब दो किमी एरिया में उत्साह और उमंग का माहौल था। नाटी इमली का मैदान ही नहीं आसपास के भवनों की छतें दोपहर बाद तीन बजे ही महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, मेहमानों, परिचितों से खचाखच पट गई थीं। जिस रास्ते से भगवान का रथ गुजरने वाला था, उसके दोनों तरफ हाथ में तुलसी की माला और गुलाब के फूल लिए दर्शन की बेकरारी में हजारों की तादाद में कतारबद्ध लोग पहले ही खड़े हो गए थे। उधर, अयोध्या भवन में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के सज-धजे स्वरूपों का दर्शन करने को लाइन लगी थी और यादव बंधु रथ उठाने के लिए परंपरागत वेश गंजी-साफा और धोती में तैयार हो रहे थे। बाजे गाजे के साथ हनुमान भगवान राम के आने की खबर लेकर चित्रकूट मैदान से अयोध्या के लिए निकल पड़े। 3.45 बजे विभीषण का रथ नाटी इमली पहुंचा। शहनाई की मंगल ध्वनि के साथ बैंड पार्टी लीला स्थल को संगीतमय बनाने में जुट गई। कुछ देर में ही चार हाथियों के काफिले के साथ अनंत नारायण सिंह नाटी इमली पहुंचे। नेग देकर भगवान माला लेकर उन्होंने चूमी और हाथी से ही रथ की परिक्रमा करते हुए वे मंच के सामने पहुंचे। वहां 11 जवानों की गारद ने उन्हें सलामी दी। 4. 27 बजे भरत-शत्रुघ्न अयोध्या के मैदान से पहुंचे। व्यास पीठ से चौपाइयों के बोल पखावज, झांझ पर झंकृत हो उठे। 4.30 बजे भरत-शत्रुघ्न मिलन स्थल पर घुटने के बाल खड़े होकर इंतजार करने लगे तो 4.32 पर दोनों भाई आतुर भाव से खड़े हो गए। 4.35 पर वह जैसे ही वह जमीन पर लेटे भीड़ जयकारे लगाने लगी और भगवान राम-लक्ष्मण के साथ भरत से मिलने के लिए दौड़ पड़े। डमरुनाद होने लगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

love-jansailabs eyes

स्पॉटलाइट

क्या ये गाने आपको पुराने दौर में ले जाते हैं, सुनकर कीजिए तय

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा की ये कहानी आपके दिल को छू जाएगी

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

हर उभरती हीरोइन को कंगना से सीखनी चाहिए ये 6 बातें, सफलता चूमेगी कदम

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

WhatsApp लाया अब तक का सबसे शानदार फीचर, आपने आजमाया क्या ?

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

बेसमेंट के वास्तु दोष को ऐसे करें दूर

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

Most Read

काशी की महिला ज्योतिषियों ने बताया यूपी चुनाव का परिणाम

femal astrologers from kashi tell about result of up electionp
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भितरघात की चिंगारी से झुलसती सपा

spark of sabotage scorched SP
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

इस दिन होगी कैबिनेट की बैठक, लिए जाएंगे कई अहम फैसले

himachal cabinet meeting on 25 feb 2017
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top