आपका शहर Close

परंपरागत खेती छोड़ लिखी कामयाबी की इबारत

Varanasi

Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
रोहनिया। आराजीलाइन ब्लाक के बैरवन गांव निवासी मेवालाल पटेल ने परंपरागत खेती में होने वाली मुश्किलों से जूझते-जूझते आखिरकार एक अलग राह चुनी। करीब दो दशक पहले परंपरागत खेती में होने वाले नुकसान के चलते उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। कोई रास्ता न सूझता था। ऐसे में वन विभाग के एक कर्मचारी की सलाह पर अमल करना उनके लिए लाभकारी हुआ और आज उनके परिवार का जीवनस्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर है। वह विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी तैयार करते हैं।
आज उनके तीन बीघे में फैले बाग में दस प्रकार के आम के पौधे, लीची, नाशपाती, बिना कांटे के बेल के पौधे, संतरा, मौसमी, चंदन के पौधे सहित कई प्रकार के छायादार और फलदार वृक्षों की प्रजातियां हैं। इनमें से कई तो मेवालाल ने खुद ही ईजाद की हैं। मेवालाल बताते हैं कि जब परंपरागत धान-गेहूं की खेती में लगातार घाटा होने लगा तो उन्होंने वन विभाग के एक कर्मचारी से अपनी व्यथा कही। उसने उन्हें तरह-तरह के पौधों की नर्सरी तैयार करने की सलाह दी और यूकेलिप्टस के बीज भी दिए। पहली बार उन्होंने यूकेलिप्टस के 18 हजार पौधे तैयार किए। इसके बाद 14 हजार पौधे। फिर जो आय हुई उससे विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी तैयार करने लगे। धीरे-धीरे मेवालाल की मेहनत रंग लाई और बदल गई उनके परिवार की जीवनशैली। पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों से लोग उनके पास पौधे लेने तो आते ही हैं, बाराबंकी, बहराइच तक के किसान उनका नाम सुन खिंचे चले आते हैं।
अपनी मेहनत के दम पर नई राह बनाने वाले मेवालाल अब दुखी हैं। वजह, जिस जमीन पर वह नर्सरी तैयार करते हैं, उसे विकास प्राधिकरण ने प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए अधिग्रहीत कर लिया है। सन् 2003 में उनकी जमीन की खतौनी से उनका नाम कटवाकर प्राधिकरण के नाम पर चढ़वा दिया। इसके चलते उनका पूरा परिवार इन दिनों परेशान है। वे कहते हैं कि कुछ भी हो जाए, अपनी जमीन यूं ही जाने नहीं देंगे।
Comments

स्पॉटलाइट

एक ऐसा परिवार, 100 खतरनाक जानवर करते हैं इसकी रखवाली

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

बाल झड़ने की वजह से लड़कियां पास न आएं तो करें मेथी का यूं इस्तेमाल

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

सलमान खान के लिए असली 'कटप्पा' हैं शेरा, एक इशारे पर कार के आगे 8 km तक दौड़ गए थे

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

भूलकर भी न करें छठ पूजा में ये 6 गलतियां, पड़ सकती है भारी

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

बदलते मौसम में डाइट में शामिल करेंगे ये खास चीज तो फौलाद बन जाएंगी हड्डियां

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

पापा दिल्ली नहीं गए, मम्मी और अंकल ने उन्हें मार दिया

Papa did not go to Delhi, mummy and Uncle killed them
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

ऐसी सजा देंगे कि पीढ़ियां भूल जाएंगी नौकरी करनाः सीएम योगी

Give punishment that generations will forgetto do job
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

राणा ने विपक्षी धूमल के पांव छूकर मांगा जीत का आशीर्वाद

himachal assembly election 2017 rajinder rana take blessings from prem kumar dhumal
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

राहुल के पैराशूट से ठियोग में उतरे राठौर, इनकी कहानी है रोचक

himachal assembly election 2017 theog seat deepak rathore
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल विस चुनाव: चुनाव मैदान में 'गुरुओं' को ‘चेलों’ की चुनौती

himachal assembly election 2017 pramod sharma and rajinder rana
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!