आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

कटौती मुक्ति की रेवड़ी बांटने से चरमराई व्यवस्था

Varanasi

Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। बनारस में दिन में 10 से 12 और रात में 12 से तीन बजे तक बिजली कटेगी। यह फरमान पावर कारपोरेशन ने डुबकिया लोड डिस्पैच सेंटर को सोमवार की रात को भेजा था। इसका पालन लखनऊ कंट्रोल एक दिन भी नहीं कर पाया। अभियंताओं की कमजोर गणित के चलते नहीं बल्कि यह नौकरशाहों की मनमानी का नतीजा है कि कंट्रोल के अफसर बिजली की उपलब्धता और खपत का हिसाब ही नहीं लगा पा रहे हैं। पावर कारपोरेशन के अफसरों ने पूर्वांचल के 2370 मेगावाट के लोड डिस्पैच सेंटर से 14 सौ मेगावाट से ज्यादा की कटौती मुक्ति का चिट्ठा जारी कर रखा है। कमोवेश यही हाल पूरे सूबे का है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था संभालना संभव नहीं रह गया है।
पावर कारपोरेशन के आला अधिकारियों ने पहले पूर्वांचल में 74 स्थानों पर कटौती मुक्ति का फरमान जारी किया था। तब कंट्रोल ने तीन चरणों में आठ घंटे की कटौती का शेड्यूल तय किया, मगर उसी दिन इसे वापस ले लिया गया। इसके बाद भी कटौती मुक्ति के फरमान जारी होने बंद नहीं हुए। वर्तमान में 122 दबंगों के इलाकों में कटौती मुक्ति के फरमान जारी किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण फीडर हैं। लगभग 900 मेगावाट बिजली की खपत इनमें होती है। किसी एक फीडर को अलहदा कटौती मुक्ति करना संभव नहीं हो पाता, लिहाजा उनका अनुपालन करने के लिए 1400 मेगावाट के करीब बिजली आरक्षित करनी पड़ती है। ऐसे में व्यवस्था का चरमराना तय है। यही कारण है कि कंट्रोल अपने फरमान पर अमल ही नहीं कर पा रहा है।
बनारस में कटौती का फरमान जारी होने के पहले दिन दो घंटे तक तो ठीक-ठाक चला लेकिन शाम को लोड बढ़ने पर दोबारा और रात को तीसरी बार कटौती करनी पड़ी। बुधवार तो और बदहाल रहा। सुबह 10 के बजाय सवा नौ बजे ही कटौती हो गई और शाम को साढ़े चार से साढ़े छह बजे तक दूसरा चरण शुरू हो गया। कहावत है कि जबरा मारे रोवे न दे। सारी व्यवस्था अफसरों ने बिगाड़ी है और वे ही स्थानीय अधिकारियों को आंख भी तरेर रहे हैं। कंट्रोल से आदेश मिलते ही लोड कम करने में देर होने पर आधे घंटे में स्पष्टीकरण मांग लिया जा रहा है। ऐसे में अफसर दहशत में हैं। पावर कारपोरेशन के सीएमडी अवनीश अवस्थी इस मुद्दे पर कुछ बोलना नहीं चाहते लिहाजा वह फोन उठाने को तैयार नहीं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

system revdi

स्पॉटलाइट

जनवरी का अंत‌िम सप्ताह हर राश‌ि के ल‌िए है खास जान‌िए, क‌िसे म‌िलेगा लाभ, क‌िसे नुकसान

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

फिल्म में रेप सीन करने के बाद तीन रातों तक रोती रही ये एक्ट्रेस

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top