आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

आगजनी कहीं नकल माफिया की साजिश तो नहीं

Varanasi

Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर परीक्षा के रिजल्ट निकले महीना भी नहीं बीता कि चार लाख उत्तर पुस्तिकाएं राख हो गईं। अब कैसे होगी स्क्रूटनी और नकल के आरोपी परीक्षार्थियों की जांच। सवाल यह है कि इतनी महत्वपूर्ण उत्तर पुस्तिकाओं को कूड़े की तरह रखा ही क्यों गया। लाखों की लागत से बना स्क्रूटनी सभागार किस काम का है। बच्चों के भविष्य के साथ बोर्ड इतना बड़ा खिलवाड़ कै से कर सकता है। ये हैं कुछ सवाल जो माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े हर किसी की जुबान पर है। कुछ लोग तो इस घटना के तार नकल माफिया से भी जोड़ कर देख रहे हैं। उनका तर्क है कि नकल के आरोपियों को जांच के दौरान बचाने और स्क्रूटनी में औसत के लिहाज से नंबर दिलाने के लिए कापियां जलवा दी गईं। उनका आरोप है कि यह काम बोर्ड कर्मचारियों की मिली भगत के नहीं हो सकता।
देश के सबसे बड़े बोर्ड का यह हाल है कि 26 जिलों के तकरीबन 15 लाख परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं रखने की जगह नहीं है बोर्ड कार्यालय के पास। ये उत्तर पुस्तिकाएं रखी जाती हैं सीटीई कालेज, क्वींस कालेज और जीजीआईसी में जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इन कापियों को कम से कम अक्तूबर तक सुरक्षित रखना बोर्ड की जिम्मेदारी है। ये ही सब सोच कर दो साल पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र ने स्क्रूटनी कक्ष का निर्माण कराया, फिर भी हालात जस तस हैं। नया भवन बनने के बाद भी कापियों को रखने की जगह नहीं है। नतीजा सामने है। यही नहीं इस दफ्तर में सादी उत्तर पुस्तिकाएं भी सालों भर गलियारे में फेंकी रहती हैं। कापियों के बंडल पर आने-जाने वाले कूड़ा समझ कर थूकते रहते हैं पर किसी का ध्यान नहीं जाता। कार्यालय में अग्निशमन यंत्र भी नहीं है। कार्यालय में अवांछनीय तत्व बेरोकटोक घूमते हैं, जिन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नही। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक केयर टेकर रखा गया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के चारों क्षेत्रीय कार्यालयों (बनारस, इलाहाबाद, मेरठ और बरेली) में वाराणसी सबसे बड़ा क्षेत्रीय कार्यालय है। काम के हिसाब से यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या भी काफी कम हैं। कम से कम यहां अभी सौ अधिकारी और कर्मचारियों की जरूरत है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि 1986 में क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना हुई। उस समय के हिसाब से कर्मचारियों और अधिकारियों की तादाद बढ़ी नहीं। तब छात्र संख्या पांच से सात लाख हुआ करती थी, आज परिक्षेत्र में यह संख्या बढ़कर पंद्रह लाख पहुंच गई है। शनिवार की घटना के बाबत कतिपय शिक्षाधिकारी मान रहे हैं कि यह कारस्तानी बोर्ड कार्यालय के कर्मचारियों की ही हो सकती है। उनके साथ जब कभी सख्ती होती है वे अफसरों को बदनाम करने के लिए ऐसा कदम उठाते हैं। वर्ष 2004 में भी ऐसी घटना हुई थी लेकिन तब स्क्रूटनी जैसे मामले निबट चुके थे। लेकिन इस दफा तो मुश्किलें ज्यादा हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Film Review: कॉफी विद डी: रोचक विषय की भोंथरी धार

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

क्या फ‌िर से चमकेगा युवराज का बल्ला और क‌िस्मत, जान‌िए क्या होने वाला है आगे

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

BHIM एप के 1.1 करोड़ डाउनलोड, जानिए क्यों बाकी पेमेंट एप से बेहतर

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

कार का अच्छा माइलेज चाहिए तो पढ़ लें ये टिप्स

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

FlashBack : इस हीरोइन ने इंडस्ट्री छोड़ दी पर मां-बहन के रोल नहीं किए, ताउम्र रहीं अकेली

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

सपा ने गठबंधन में नहीं दी जगह, अब रालोद ने घोषित किए प्रत्याशियों के नाम

RLD declares its candidates for UP election.
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top