आपका शहर Close

वेंटीलेटर पर गंगा, रंग पड़ा काला

Varanasi

Updated Fri, 25 May 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। जिस तरह बीमारी से कमजोर आदमी का शरीर असक्त होकर काला पड़ने लगता है, ठीक वैसी ही गत अब गंगा की नजर आएगी। बिजली, सिंचाई और पेयजल के नाम पर बांधों के जाल से पतित पावनी की धारा का रंग भी बदलने लगा है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण के भार और अंधाधुंध जलदोहन को नहीं रोका गया तो हरिद्वार से पश्चिम बंगाल तक पूरे गंगा क्षेत्र को काला होने से नहीं बचाया जा सकता। काशी में सात किमी लंबा उत्तर वाहिनी का पश्चिमी किनारा पूरा काला पड़ गया है। यमुना, गोमती, सरयू, रामगंगा (मुरादाबाद), स्वर्णरेखा, सोन समेत 662 सहायक नदियों से तटीय शहरों, बस्तियों का प्रदूषित अवजल गंगा में लगातार गिरने से यह नौबत आई है। गंगा ग्राम संस्था की ओर से गोमुख से गंगा सागर तक कराए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, गंगा को जोड़ने वाली छोटी-बड़ी नदियों पर दिल्ली, कोलकाता समेत कुल आठ सौ से अधिक शहर बसे हैं। संस्था की ओर से बेसिन की 50 करोड़ आबादी को ध्यान में रखकर किए गए अध्ययन में 80 से सौ लीटर प्रति व्यक्ति डिस्चार्ज को आधार बनाया गया है। माना गया है कि प्रतिदिन सहायक नदियों से होकर 40 हजार एमएलडी (एक एमएलडी यानी 10 लाख लीटर) से अधिक अवजल गंगा में जा रहा है। ग्राम गंगा के निदेशक डॉ. आरएस दुबे की माने तो सहायक नदियों पर आबाद शहरों के आसपास आधा दर्जन से अधिक विकसित बस्तियों को जोड़ा लिया जाए तो करीब पांच हजार कसबों का डिस्चार्ज इसमें बढ़ जाएगा लेकिन अभी उनका आकलन होना बाकी है। उन कसबों के भी नाले किसी न किसी रूप में गंगा में ही मिल रहे हैं।
प्वाइंटर
662 सहायक नदियों से जुड़ा है अवजल का लिंक
40 अरब लीटर से अधिक अवजल हर दिन गिर रहा है गंगा में
5000 तटीय कसबों के डिस्चार्ज का आकलन होना बाकी
12 प्रदेशों को परोक्ष-अपरोक्ष रूप से जोड़ती है गंगा

बयान
सहायक नदियों से होकर प्रतिदिन आने वाले अवजल के भार को रोकने के लिए शीघ्र प्रबंध किए जाने चाहिए। इसमें ढील खतरे से खाली नहीं होगी। अगर अवजल के बढ़ते भार को नहीं रोका गया तो हरिद्वार से बंगाल की खाड़ी तक गंगा का किनारा काला पड़ने से नहीं रोका जा सकता। इस भयावहता की शुरुआत गांगेय प्रदेशों में हो चुकी है - प्रोफेसर यूके चौधरी, पूर्व निदेशक गंगा प्रयोगशाला बीएचयू

गंगा बेसिन को जोड़ने वाले राज्य : उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल। सहायक : राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असोम, उड़ीसा।

अवजल से भरकर अस्तित्व विहीन हो चुकीं गंगा से जुड़ीं नदियां
वरुणा, अस्सी, यमुना, हिंडन
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Big Boss 11: अखाड़े में अर्शी ने किया कुछ ऐसा जिसे देख हिना ने उठाया ये खतरनाक कदम!

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

26 अक्टूबर को शनि बदलेंगे अपनी चाल, 3 राशि से हटेंगी शनि की तिरछी नजर

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने सात वचन निभाने की खाई कसमें

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

डेटिंग पर जाने से पहले हर लड़की करती है ये 4 काम, जानकर यकीन नहीं होगा

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

इस तेल से नहीं टूटेंगे बाल, एक बार लगाकर तो देखें जनाब

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

हिमाचल प्रदेश: मिनटों में गिरा करोड़ों का पुल, हवा में 'लटके' ट्रक और कार

Six injured after a bridge collapsed in Chamba of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

शहीद पुलिस कर्मियों को सीएम योगी की श्रद्धांजलि, 20 से बढ़ाकर 40 लाख की सहायता राशि

cm yogi attended police smriti diwas programme
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

भाजपा के बाद अब कांग्रेस में भी उठे बगावत के सुर, पांच सीटों पर विरोध

himachal assembly election 2017 rebels pose threat to Congress contesting as an independent
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल प्रदेश: खाई में गिरी बस, 2 लोगों की मौत, 10 घायल

bus fell into a gorge in Nankhari of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

यूपी सरकार ने किए 18 पीसीएस और 16 एसडीएम के तबादले

Up government transferred pcs and sdm
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!