आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

समाजवादी आंदोलन के स्तंभ परभू बाबू नहीं रहे

Varanasi

Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। जीवन के अंतिम क्षणों तक सिद्धांत की खातिर संघर्ष करने वाले लोहिया की राजनीतिक विरासत के मालिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रभुनारायण सिंह का निधन हो गया। लोगों के ‘परभू बाबू’ और अपने प्राइमरी स्कूल सहपाठी शहनाई के उस्ताद भारतरत्न बिस्मिल्लाह खां के ‘गुल्लू बाबू’ ने बुधवार की सुबह 10.14 पर आखिरी सांस ली। गिरती तबियत के चलते उन्हें चार मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार की रात को वह काशीपुरा स्थित आवास पहुंचे और अगले दिन उनका निधन हो गया। उनकी अवस्था 93 वर्ष हो रही थी।
उनके परिवार में पत्नी दयावंती देवी, तीन पुत्र अशोक सिंह, अरविंद सिंह, आलोक सिंह और तीन पुत्रियां हैं। शाम तक उनके घर में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। काशीपुरा और रामकटोरा में बाजार बंद हो गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, पूर्व राज्यपाल मोतीलाल बोरा, माखन लाल फोतेदार सहित तमाम हस्तियों ने शोक संवेदन व्यक्त की। अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह नौ बजे मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए 48 दिनों तक सत्याग्रह करने वाले, 11 नवंबर 1919 को जन्मे प्रभु बाबू ने 11 साल की उम्र में ही जेल जाने की कला सीख ली थी। वह ताजिंदगी शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहे। उन्होंने स्वातंत्र्य आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भारत छोड़ो आंदोलन में उनपर पांच हजार का इनाम रखा गया था। उन्हें तीन साल की सजा मिली। रिहाई के बाद वह पहले काशी हिंदू विश्वविद्यालय पार्लियामेंट के प्रधानमंत्री फिर डिप्टी स्पीकर चुने गए। मिर्जापुर के अदलपुरा में कृषि योग्य जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में उन्होंने नदेसर कोठी में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का घेराव किया और लाठियां खाईं। लोकबंधु राजनारायण, मधुलिमये, कर्पूरी ठाकुर, रबी राय, जार्ज फर्नांडीज और नारायण दत्त तिवारी उनके अन्यतम संगी थे। लोकबंधु जितने उग्र थे, प्रभु बाबू उतने ही शांत। वे वर्ष 1952 में गोरखपुर स्थानीय निकाय का चुनाव लड़कर विधान परिषद में पहुंचे और अपने गुरु डा. राममनोहर लोहिया की चंदौली में 1957 में हुई हार का बदला 1959 के चुनाव में 40 हजार वोटों से जीतकर चुकाया। उन्होंने चित्रकूट में लोहिया की इच्छा के अनुरूप रामायण मेले की शुरुआत कराई। वह 1967 की संविद सरकार में उद्योग एवं श्रममंत्री, 1971 में त्रिभुवन सिंह के मुख्यमंत्रित्व में बनी सरकार में राजस्व मंत्री, वर्ष 1974 स्वास्थ्य मंत्री, उसके बाद 1975 में नारायण दत्त तिवारी के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य एवं कानून मंत्री बने। उन्होंने पूर्वांचल में नहरों और चिकित्सालयों का निर्माण कराया। बाद में पूर्वांचल राज्य के आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी की।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

यहां हुआ अनोखे बच्चे का जन्म, गांव वालों का डर 'कहीं ये एलियन तो नहीं'

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कोहली और KRK पीते हैं ऐसा खास पानी, एक बॉटल की कीमत 65 लाख रुपये

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कहीं गलत तरह से शैम्पू करने से तो नहीं झड़ रहे आपके बाल, ये है सही तरीका

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

मसाज करवाकर हल्का महसूस कर रहा था शख्स, घर पहुंचते हो गया पैरालिसिस

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

यहां खुद कार चलाकर ऑपरेशन थियेटर में जाते हैं बच्चे

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

Most Read

जानिए, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर क्या बोले रोहिंग्या ?

Know, what did Rohingya say on the statement of Home Minister Rajnath Singh
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का आदेश जारी, अभी करना होगा इंतजार

Arrears of seventh pay commission will be paid from December
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

लाल किले के पास सेल्फी लेते-लेते ही चोरी हो गया यूक्रेन के राजदूत का मोबाइल

 Ukraine ambassador to India Igor Polikha's cellphone stolen while taking selfie near Red Fort
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

1991 बैच के आईएएस एल वेंकटेश्वरलू बने प्रदेश के नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी

Appointment of new election commissioner of Uttar Pradesh
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न हत्याकांडः रायन स्कूल के मालिकों को पुलिस ने भेजा समन, 26 को पूछताछ

pradyuman murder: gurugram police summons pinto family for interrogation and all updates in the case
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!