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कुदरती हंसी खोलती है खुशी की राह

Varanasi

Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। स्वस्थ और खुश रहने के लिए कुदरती हंसी बहुत आवश्यक है, क्याेंकि इससे ब्रेन के न्यूरो ट्रांसमीटर में होने वाले परिवर्तन तनावमुक्त रखने में सहायक होते हैं। कृत्रिम हंसी व्यक्ति को मानसिक बीमारियाें से मुक्ति नहीं दिला सकती। इसलिए जरूरी है कि जीवन में खुश रहें और खुलकर हंसने की कोशिश करें, जिसे दिल की हंसी कहते हैं। एक सर्वे के मुताबिक देश में मात्र तेरह प्रतिशत लोग ही हैं जो तनाव से मुक्त हैं।
बीएचयू के मनोचिकित्सकाें के अध्ययन के मुताबिक कुदरती हंसी से व्यक्ति के ब्रेन के न्यूरो ट्रांसमीटर में परिवर्तन होता है, जिससे ऐनडोरफिन, डोपामीन एवं सेरोटोनिन पदार्थ सक्रिय हो जाते हैं। इनकी सक्रियता से नसों में उत्पन्न होने वाली तरंगे व्यक्ति को खुशी और आनंद की अनुभूति कराती हैं। जबकि कृत्रिम अर्थात खोखली हंसी से न्यूरो ट्रांसमीटर पर कोई असर नहीं पड़ता। मनोरोग विभाग के प्रो. संजय गुप्ता ने बताया कि पूर्वांचल में भी तनाव के कारण मानसिक रोगियाें की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें युवाओं की संख्या ज्यादा है। वर्ष 2012 में गैलप संस्था द्वारा कराए गए सर्वे में पाया गया कि देश में मात्र तेरह प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जो तनाव से दूर हैं।

केस- 1.
विश्वविद्यालय की छात्रा कुमारी प्रिया को उसके दोस्त अक्सर चिढ़ाया करते थे। परिवार वालाें से उसने यह बात बताई लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। इससे प्रिया इतना ज्यादा तनावग्रस्त हो गई कि आत्महत्या की कोशिश करने लगी। मनोचिकित्सक ने उसे सलाह दी कि जब भी कोई दोस्त चिढ़ाए तो उसकी ओर देखकर हंस दो। उसने इस सलाह पर अमल किया तो समस्या से छुटकारा मिल गया। अब उसे कोई नहीं चिढ़ाता।
केस-2. स्नातक का छात्र रूपेश अपने एक दोस्त को अक्सर अपनी बाइक दे देता था। एक बाद उसे बाइक की जरूरत पड़ी तो दोस्त ने मना कर दिया। इससे रूपेश इतना अधिक तनाव में आ गया कि सुसाइड नोट लिख आत्महत्या करने की ठान ली। परिजनाें ने मनोचिकित्सक से संपर्क कर किया। चिकित्सक ने उसे दोस्त को पुन: मदद करने और बीती बात को भूलने की सलाह दी। आज रूपेश और उसके दोस्त के बीच पहले से ज्यादा प्रगाढ़ता है।
केस- 3 पिछले साल दसवीं की परीक्षा में मैथ का पेपर खराब होने से मिर्जामुराद की स्वेता तनाव में आकर कीटनाशक खा लिया। मनोचिकित्सक ने बीती बात भूलने और ज्यादा मेहनत से अच्छे अंक लाने की सलाह दी। इस साल की परीक्षा में उसके पेपर अच्छे हुए हैं और प्रथम श्रेणी में पास होने की उम्मीद है।
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