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जननी शिशु सुरक्षा को मिले 16 लाख

Unnao

Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत चल रही जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन के लिए जिले को 16 लाख रुपए की धनराशि भेजी गई है। इस धनराशि से प्रसव वाली महिलाओं को चेक का वितरण, उनको घर से लाने और पहुंचाने की व्यवस्था और औषधियों का वितरण किया जाना है। अस्पतालों में अभी इस धनराशि से चेकों का वितरण व औषधियां ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। परिवहन की व्यवस्था शुरू होने में अभी समय लग सकता है क्योंकि शासन से जो एंबुलेंस विभाग को मिली हैं उन्हें चलाने के लिए पर्याप्त चालक नहीं हैं।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं की जांच, दवाएं और अन्य सामग्री नि:शुल्क प्रदान की जानी है। सामान्य प्रसव में दो से तीन दिन और आपरेशन केस में सात दिन तक नि:शुल्क भोजन के साथ जननी और नवजात शिशु को सकुशल घर पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा योजना में नवजात शिशु के बीमार होने पर घर से अस्पताल लाने और ठीक होने के बाद घर पहुंचाने की भी जिम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई है। इसका कोई शुल्क नहीं है। योजना के अंतर्गत इन स्वास्थ्य सेवाओं को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई है लेकिन अभी इनमें से सभी योजनाएं पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई हैं। जिला अस्पताल में जो योजनाएं चल रही हैं उनमें से प्रसव के बाद जननी को चेक वितरण करना, उन्हें भोजन प्रदान करना और नि:शुल्क दवाओं का वितरण करना आदि शामिल है। जच्चा को लाने और बच्चे सहित उसे घर पहुंचाने के लिए 18 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित हैं, लेकिन अभी संचालन नहीं किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना का कार्य देख रहे केके वर्मा ने बताया कि प्रतिमाह लगभग आठ सौ के आसपास डिलीवरी होती हैं। पिछले माह लगभग 766 डिलीवरी हुईं, जिसमें 500 ग्रामीण महिलाओं व 266 शहरी महिलाओं की। इस प्रकार 7 लाख रुपए का व्यय ग्रामीण महिलाओं और 2 लाख 66 हजार रुपए का व्यय शहरी महिलाओं पर आया है। हर माह पैदा होने वाले बच्चों की संख्या घटती बढ़ती रहती है। इसी मद से महिलाओं की जांच और दवाओं का खर्च भी दिया जाता है। उन्होेंने बताया कि भोजन की व्यवस्था इस मद से नहीं दी जाती। इनके लिए भोजन ठेकेदार उपलब्ध कराते हैं।
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