आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

एक माह में देें बिजली कनेक्शन

Unnao

Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। सारी औपचारिकताएं पूरी करने व पूरा पैसा जमा करने के दो साल बाद भी विद्युत विभाग ने नलकूप कनेक्शन नहीं किया। इसके उलटे उपभोक्ता को 19 हजार से अधिक का बिल भेज दिया। उपभोक्ता फोरम ने सुनवाई करते हुए विभाग की सेवा में कमी मानी। फोरम ने विद्युत विभाग को एक माह के अंदर स्टीमेट के अनुसार कनेक्शन देने का आदेश दिया। इसके अलावा उपभोक्ता को 50 हजार क्षतिपूर्ति व 4 हजार रुपए परिवाद व्यय देने के भी आदेश दिए । 30 दिन के अंदर कनेक्शन न देने पर विभाग को प्रत्येक माह 3 हजार रुपए अदा करने होंगे।
हसनगंज के नई सरांय निवासी कृषक विनोद कुमार ने लघु सिंचाई के माध्यम से संचालित निजी नलकूप में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करते हुए 30 जुलाई 2009 को 200 रुपए जमा किए। विद्युत वितरण खंड दो के अधिकारियों ने 33, 600 रुपए का स्टीमेट बनाया। विनोद ने 31 जुलाई 09 को पूरा पैसा जमा कर दिया। 11 अगस्त को सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं। इसके बाद भी कनेक्शन दिए बिना ही 19,864 रुपए का बिल भेज दिया गया। उसने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। कोर्ट में विद्युत वितरण खंड द्वितीय व पावर कारपोरेशन ने 16 अगस्त 2009 को केबिल लगाकर नलकूप की बिजली आपूर्ति चालू होने की जानकारी दी। फोरम ने सुनवाई में पाया कि कुछ तथ्य विभाग के कथन के विरुद्ध हैं। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह स्पष्ट हो सके कि विभाग की ओर से उपभोक्ता का कनेक्शन जोड़ा गया। फोरम के मुताबिक, स्टीमेट के अनुसार परिवादी को कनेक्शन नहीं दिया गया। सेवा में कमी पाते हुए फोरम ने आदेश दिए कि विद्युत विभाग एक माह के अंदर उपभोक्ता को कनेक्शन दे। इसके अलावा समयावधि में कनेक्शन न देने पर प्रत्येक माह 3 हजार रुपए कनेक्शन करने तक देना होगा। इसके अलावा पीड़ित को 50 हजार रुपए बतौर क्षतिपूर्ति व 4 हजार रुपए परिवाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिए हैं।


गलत स्टीमेट देकर वसूली जा रही धनराशि
उन्नाव। फोरम ने माना कि बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बढ़ा-चढ़ाकर स्टीमेट देकर गलत धनराशि वसूल कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी का यह मानना कि उनके द्वारा कनेक्शन संयोजित नहीं किया जाना था बल्कि औपचारिकताएं पूरी होने पर उपभोक्ता स्वयं केबिल लगाकर कनेक्शन ले लेगा, गलत है। बिजली कनेक्शन देने में केवल प्रशिक्षित व्यक्ति ही सक्षम है। विभागीय अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया बल्कि एक बार भी मौके पर जाकर जांच नहीं की।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

month power connections

स्पॉटलाइट

पाकिस्तान की हार के बावजूद टूटा विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS : स्वामी ओम के चलते सलमान ने लिया बड़ा फैसला, ऐसा अब तक नहीं हुअा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा और कांग्रेस गठबंधन से राष्ट्रीय लोकदल बाहर

kiranmay nanda speaks about alliance
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

एटा हादसाः जल्द आने का वादा कर हमेशा के लिए चला गया आकाश

eta accident driver family story
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top